नई दिल्ली : दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन (P-14) में पांच मंजिला पीजी इमारत के ढहने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। निगम प्रशासन ने दक्षिण जोन (South Zone) में तैनात डिप्टी कमिश्नर (DC) समेत पांच वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबन का आदेश जारी किया गया है।
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डिप्टी कमिश्नर समेत इन 5 अधिकारियों पर गिरी गाज
MCD के विजिलेंस विभाग की ओर से सोमवार को जारी अलग-अलग कार्यालय आदेशों के मुताबिक, कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसमें सबसे प्रमुख गाज साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार पर गिरी है। उनके साथ ही इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रणवीर सिंह (सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर) और ललित कुमार गोयल (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर – बिल्डिंग) को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, भवन निर्माण की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में सुनील चौहान (असिस्टेंट इंजीनियर – बिल्डिंग) और आशीष कुमार (जूनियर इंजीनियर – बिल्डिंग) के खिलाफ भी निलंबन की कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
इस पूरी कार्रवाई में दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार का निलंबन सबसे अहम माना जा रहा है। MCD आयुक्त के 7 सितंबर के आदेश के तहत उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में किसी भी इमारत के गिरने के मामले में डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी के निलंबन का यह पहला मामला है। राकेश कुमार बिहार से प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर MCD में अपनी सेवाएं दे रहे थे। निगम की गाज इंजीनियरिंग टीम पर भी पूरी तरह गिरी है। सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह को DMC सर्विसेज (कंट्रोल एंड अपील) रेगुलेशन, 1959 के तहत निलंबित किया गया है, जबकि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार को भी तत्काल निलंबित किया गया है।
अवैध और खतरनाक इमारतों पर कसा शिकंजा
सत्य निकेतन में हुए इस बड़े हादसे के बाद दिल्ली सरकार और MCD एक्शन मोड में हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दोबारा दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था, राहत कार्य और प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा की। सरकार ने चार मंजिल से ऊपर बने सभी अवैध भवनों को तत्काल सील करने और आसपास के सभी पीजी परिसरों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं।
बराबर वाले P-13 भवन को भी घोषित किया खतरनाक
5 मंजिला पीजी इमारत ढहने के कारण बगल में स्थित P-13 भवन को भी भारी नुकसान पहुंचा है और उसमें दरारें आ गई हैं। खतरे को देखते हुए MCD ने P-13 भवन को खतरनाक घोषित कर दिया है। निगम ने भवन मालिक को तीन दिन के भीतर खुद इमारत ध्वस्त करने का नोटिस थमाया है। यदि निर्धारित अवधि में मालिक द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है, तो MCD खुद इस भवन को ध्वस्त करेगा और इसका पूरा खर्च मालिक से वसूला जाएगा।



