रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने अरगोड़ा चौक स्थित लेक गार्डन मैरिज हॉल सील करने पर रोक लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि पहले मामले में प्रार्थी का पक्ष सुना जाए. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब बिन हक ने पक्ष रखा। मामले में मैरिज हॉल की संचालिका श्रेया प्रसाद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
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रांची नगर निगम ने लेक गार्डन मैरिज हॉल को आवासीय क्षेत्र में बताते हुए उसके संचालन को गलत बताया था। साथ ही 7 दिनों के भीतर मैरिज हॉल में कमर्शियल एक्टिविटीज बंद करने, अन्यथा मैरिज हॉल को सील करने की कार्रवाई करने की बात कही है। जिसे प्रार्थी ने चुनौती देते हुए कहा कि नगर निगम बिल्डिंग बाईलॉज 2016 की कंडिका 22 में मैरिज हॉल चलाने का प्रावधान आवासीय क्षेत्र में है।
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रांची नगर निगम ने इस मैरिज हॉल को खुद ट्रेडिंग लाइसेंस सेक्शन 455 के तहत निर्गत किया है। नगर निगम की ओर से कमर्शियल होल्डिंग टैक्स भी वसूली जा रही है। प्रार्थी की ओर से कहा गया कि उनके मैरिज हॉल को सील करने से पहले उन्हें कारण बताओं नोटिस नहीं दिया गया और उनका पक्ष सुने बिना ही सील करने संबंधी आदेश दिया गया, यह अनुचित है।
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट ने कहा कि रांची नगर निगम प्रार्थी को अपना पक्ष रखने का मौका दें। जब तक निगम का अंतिम आदेश नहीं आता है तब तक मैरिज हॉल सील करने की कार्रवाई पर रोक रहेगी।





