नई दिल्ली : दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में 5 मंजिला ‘हॉस्टल डेज’ नामक पीजी इमारत के ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहे भवन मालिक हरिराम बंसल (उर्फ हरिराम गुप्ता) को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। हादसे में मौतों की संख्या बढ़कर अब 7 हो चुकी है, जबकि कई घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मलबे के नीचे कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत व बचाव कार्य अब भी जारी है।
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10 टीमों और लुक-आउट नोटिस के बाद भिवाड़ी से धराया
हादसा होने के तुरंत बाद से ही आरोपी मकान मालिक हरिराम बंसल अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गया था। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी किया था और उसकी तलाश में कुल 10 विशेष टीमें गठित की थीं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथवेस्ट) अमित गोयल ने हरिराम बंसल और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या व लापरवाही की धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज होने और आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।
‘हॉस्टल डेज’ नाम से चल रहा था लड़कों का पीजी
सत्य निकेतन के P-14 ब्लॉक में स्थित यह पांच मंजिला इमारत ‘हॉस्टल डेज’ नाम से लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में संचालित हो रही थी। घटना के समय इमारत में कई छात्र और कर्मचारी मौजूद थे। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।
CM रेखा गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश
इस बीच, निर्माण में लापरवाही और अवैध गतिविधियों की अनदेखी करने पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के 5 अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। दिल्ली सरकार के आदेश पर दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। CM रेखा गुप्ता ने सोमवार को खुद घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



