रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में आंदोलनरत छात्रों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे नाइंसाफी, साजिश और लगातार ज्यादती पर राहुल गांधी की चुप्पी एवं राज्य देखकर छात्रों के आंदोलन के साथ किए जा रहे भेदभाव पर उन्हें आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में भागीदारी और जिम्मेवारी से दूरी, यह साथ साथ कैसे चलेगा।
also read : बेंगलुरु-रांची फ्लाइट में यात्री की हालत बिगड़ी, ऑक्सीजन की व्यवस्था में 4 घंटे रुकी उड़ान
मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा है कि आप देश भर में घूम-घूम कर छात्रों के हक की बात कर रहे हैं। अगर आपके मन में उनके प्रति सच्ची तड़प होती, सिर्फ राजनीति नहीं, तो आपकी रूह झारखंड के लहूलुहान छात्रों को देखकर जरूर कांप उठती! आप झारखंड में अपनी ही सरकार से सीना ठोककर पूछते कि उन मासूमों पर लाठियां बरसाने का अधिकार झामुमो के गुंडों और पुलिस को किसने दिया?
श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में आपकी ही गठबंधन की सरकार है, फिर यहां के छात्रों के लिए आपकी आवाज क्यों नहीं निकलती? विधानसभा घेराव के दिन शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ, पहले से घोषित पुतला दहन कार्यक्रमों में गुंडों और पुलिस की गुंडागर्दी देखने को मिली, लेकिन आपकी जुबान खामोश रही। यहां छात्र अपने भविष्य के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। आपके समर्थन से सत्ता में बैठे मुख्यमंत्री गिरोह बनाकर नौकरी बेच रहे हैं, युवाओं का भरोसा टूट रहा है, फिर भी आपकी संवेदनाएं झारखंड की सीमा पर आकर क्यों थम जाती हैं?
श्री मरांडी ने कहा कि अगर आपकी नजर में लहू से सना हुआ यह मंजर ही लोकतंत्र है, तो फिर मुझे कुछ नहीं कहना। याद रखिए, जनता सब देख रही है और आपकी इस दोहरी राजनीति की परतें खोल रही है।
श्री मरांडी ने कहा कि उम्र और तजुर्बे में बड़ा होने के नाते बस एक आखिरी सलाह दे रहा हूं कि जब इंसान की कथनी और करनी में फर्क मिट जाता है, तभी इतिहास उसे ‘नेता’ मानता है और जनता का ‘विश्वास’ पैदा होता है। वरना, पीठ पीछे लोग सिर्फ ‘ठग मास्टर’ कहकर मजाक उड़ाते हैं। फैसला आपका है!
श्री मरांडी ने कहा कि बीते दिनों झामुमो के गुंडों के द्वारा राज्य के कई जिलों में छात्रों के साथ पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान जिस प्रकार लाठी डंडे, हॉकी स्टिक से मारपीट और गुंडागर्दी की गई, छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, सभी को चिन्हित कर उनपर मुकदमा दर्ज करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग राहुल गांधी को राज्य सरकार से करनी चाहिए। साथ ही छात्रों की आवाज दबाने और आंदोलन को कुचलने के लिए छात्रों पर डराने धमकाने की नीयत से लगातार तरह तरह के केस किए जा रहे हैं। इन फर्जी मुकदमों को निरस्त करने की भी मांग राज्य सरकार से राहुल गांधी को करनी चाहिए।




