रांची: खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झारखंड में जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। आगामी 31 अगस्त तक राज्य के सभी 24 जिलों में बूथ स्तर तक जन-जागरण अभियान चलाकर आम लोगों को विधेयक के संभावित प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद 7 सितंबर, सोमवार को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा।
यह निर्णय 20 अगस्त 2026 को रांची के हरमू स्थित सोहराय भवन में आयोजित केंद्रीय समिति की विस्तारित बैठक में लिया गया था। बैठक में विधेयक के प्रावधानों से झारखंड और राज्यवासियों को होने वाले कथित आर्थिक नुकसान तथा केंद्र सरकार पर झारखंड की बकाया राशि को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
निर्देश में कहा गया है कि जन-जागरण अभियान के दौरान आम जनता को खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों से अवगत कराया जाएगा। संगठन की ओर से इसे झारखंड के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है।
7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
अभियान के दूसरे चरण में 7 सितंबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके लिए जिला और महानगर स्तर पर स्थानीय रणनीति तैयार करने तथा कार्यक्रमों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है।
निर्देश में संबंधित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से दोनों कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। साथ ही आगे के कार्यक्रमों की जानकारी अलग कार्यालय आदेश के माध्यम से देने की बात कही गई है।
संगठन का कहना है कि जन-जागरण अभियान के जरिए खनिज संसाधनों और राज्य के आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही प्रस्तावित धरने के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष झारखंड के हितों और अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे।




