पटना : पेपर लीक और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों ने कल यानी 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (आरवाईए) ने संयुक्त रूप से बंद की घोषणा करते हुए छात्रों और आम लोगों से समर्थन की अपील की है।
छात्र संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लेना, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई, 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता खत्म करना और प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेना शामिल है। कुल नौ मांगों को लेकर यह बंद बुलाया गया है।
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इससे पहले 22 जुलाई को पटना में राजभवन मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच जोरदार टकराव हुआ था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए राजभवन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और बैरिकेड तोड़ते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए।
प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात पर नजर रखी। इसी दौरान पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की एस्कॉर्ट गाड़ी को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।




