रांची नगर निगम बोर्ड बैठक में 24 एजेंडों पर चर्चा, विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

करीब तीन वर्षों से विकास कार्यों की धीमी रफ्तार का सामना कर रहे रांची नगर निगम क्षेत्र में अब लंबित योजनाओं को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है।
रांची नगर निगम

रांची : करीब तीन वर्षों से विकास कार्यों की धीमी रफ्तार का सामना कर रहे रांची नगर निगम क्षेत्र में अब लंबित योजनाओं को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। शनिवार को नगर निगम सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में नगर निगम परिषद की बैठक आयोजित हुई, जिसमें शहर के विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े 24 एजेंडों पर चर्चा की गई।

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नगर निगम चुनाव के बाद आयोजित बोर्ड की दूसरी बैठक में महापौर, सांसद, विधायक, नगर आयुक्त और सभी 53 वार्डों के पार्षद शामिल हुए। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।

वार्डों की समस्याओं पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई, जलनिकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उठाईं। इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने और लंबित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

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केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने राजधानी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से शहर का विकास किया जाए ताकि रांची अन्य शहरों के लिए मॉडल बन सके। उन्होंने सभी वार्डों में ओपन जिम स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा बढ़ती आबादी और अपराध को देखते हुए रांची में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि इससे कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

फंड और सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि केंद्र से राज्य का बकाया समय पर नहीं मिलने के कारण कई विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि कई इलाकों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हो रहा है, जिससे मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद नगर निगम चुनाव तो संपन्न हो गए, लेकिन चुनाव के बाद भी निगम को पर्याप्त सरकारी फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और सीएसआर फंड के माध्यम से कुछ विकास कार्य हुए हैं, लेकिन पूरे शहर के संतुलित और व्यापक विकास के लिए नियमित वित्तीय सहायता आवश्यक है।

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बैठक के अंत में विभिन्न प्रस्तावों पर निर्णय लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने भी विकास कार्यों को गति देने के लिए जल्द पर्याप्त फंड जारी करने की मांग दोहराई।

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