चाईबासा : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान में पश्चिमी सिंहभूम जिला ने झारखंड में पहला स्थान हासिल किया है। मतदाता गणना प्रपत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन के मामले में जिले ने राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया है।
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उपायुक्त मनीष कुमार ने गुरुवार को बताया कि जिले के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य तेज गति से जारी है। अब तक 2 लाख 96 हजार 387 गणना प्रपत्र मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं, जो जिले के कुल लक्षित मतदाताओं का 27.34 प्रतिशत है। इसी प्रदर्शन के आधार पर पश्चिमी सिंहभूम पूरे झारखंड में पहले स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, प्राप्त प्रपत्रों में से 6,036 का बीएलओ ऐप के माध्यम से सफलतापूर्वक डिजिटाइजेशन भी किया जा चुका है।
तकनीकी बाधा के बावजूद अभियान जारी
उपायुक्त ने बताया कि जिले के 39 मतदान केंद्रों पर तकनीकी कारणों से ऑनलाइन माध्यम से प्रपत्रों का वितरण संभव नहीं हो पाया। ऐसे सभी केंद्रों पर वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए ऑफलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र वितरित किए गए, जिससे अभियान की गति प्रभावित नहीं हुई।
दो दिनों में 50 प्रतिशत वितरण का लक्ष्य
मनीष कुमार ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, बीएलओ, सुपरवाइजर और निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अगले दो दिनों के भीतर कम से कम 50 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विश्वास जताया कि जिला आगामी चरणों में भी अपना बेहतर प्रदर्शन बरकरार रखेगा और अभियान के सभी निर्धारित लक्ष्यों को तय समय में पूरा करेगा। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि जिले का कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।




