नई दिल्ली: पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने मंगलवार, 1 सितंबर को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘विभागीय शिखर सम्मेलन 2026’ में हिस्सा लिया।केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के उद्घाटन के साथ शुरू हुए इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को एक साझा मंच पर लाया गया है।
सम्मेलन में जल क्षेत्र की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों, चुनौतियों और उनके ठोस समाधान को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।शिखर सम्मेलन में जल अवसंरचना परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, जल संचय एवं जनभागीदारी, ‘कैच द रेन’, पेयजल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता तथा जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है।
इस दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने राज्य की पेयजल व्यवस्था से संबंधित आवश्यकताओं और चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया।मंत्री ने जल योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय एवं आवश्यक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, स्पष्ट निर्णय और समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से ही जल योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारा जा सकता है।उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श और प्राप्त सुझावों के आधार पर ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा।
इसका उद्देश्य देश में दीर्घकालिक जल सुरक्षा और विश्वसनीय पेयजल सेवा को और मजबूत करना है।मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जल संसाधनों के संरक्षण और प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन भी उपस्थित रहे।



