समुद्री खोज और बचाव अभियानों के अभ्यास को जुटे 30 देशों के 32 प्रतिनिधि

समुद्र सुरक्षित है तो भारत सुरक्षित है : रक्षा राज्य मंत्री भुवनेश्वर: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को राष्ट्रीय स्तर के समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास ‘सारेक्स-2026’ का उद्घाटन किया। भारतीय तटरक्षक बल द्वारा 08 अक्टूबर को पारादीप के निकट आयोजित होने वाले

समुद्री खोज और बचाव

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समुद्र सुरक्षित है तो भारत सुरक्षित है : रक्षा राज्य मंत्री 
भुवनेश्वर:  रक्षा राज्य मंत्री  संजय सेठ ने बुधवार को राष्ट्रीय स्तर के समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास ‘सारेक्स-2026’ का उद्घाटन किया। भारतीय तटरक्षक बल द्वारा 08 अक्टूबर को पारादीप के निकट आयोजित होने वाले इस अभ्यास में 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि भाग लेंगे।इस अभ्यास का उद्देश्य समुद्र में खोज एवं बचाव अभियानों की तैयारियों को परखना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभवों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना है।
समुद्र सुरक्षित है, तो भारत सुरक्षित है
इस अवसर पर  संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के ‘शक्ति की सप्तधारा’ के विजन में समुद्र एक महत्वपूर्ण कड़ी है। भारत के व्यापार, अर्थव्यवस्था, नीली अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सुरक्षित समुद्री क्षेत्र अत्यंत आवश्यक है। संकट की घड़ी में समुद्र से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को यह विश्वास होना चाहिए कि भारत उनके साथ खड़ा है।श्री सेठ ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘सागर’ क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि “यदि समुद्र सुरक्षित है, तो भारत सुरक्षित है।” उन्होंने कहा कि ‘सारेक्स’ इसी विजन को प्रभावी कार्य क्षमता में बदलने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

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उन्होंने हाल ही में भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस द्वारा अरब सागर में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थों की खेप जब्त किए जाने की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की मजबूत समुद्री निगरानी, सूचना साझेदारी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को दर्शाता है।
इससे पूर्व आज बुधवार को 24वीं राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड बैठक आयोजित की गई। इसमें भारतीय नौसेना, वायुसेना, इसरो, मौसम विभाग, तटीय पुलिस, सीमा शुल्क, बंदरगाह प्राधिकरणों सहित विभिन्न संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव पुरस्कार-2026  किए गए प्रदान

बैठक के दौरान समुद्र में साहस और तत्परता से जीवन बचाने के लिए राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव पुरस्कार-2026 भी प्रदान किए गए। विभिन्न श्रेणियों में एमवी जबल अली-9, एमवी ऐसोपोस, आईएफबी जॉय मां कालीगंगा, तटरक्षक पोत सचेत और तटीय पुलिस थाना, बेपोर को सम्मानित किया गया।
‘सारेक्स-2026’ भारत के मजबूत, तकनीक-सक्षम और वैश्विक रूप से समन्वित समुद्री खोज एवं बचाव तंत्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सागर’ और ‘महासागर’ के विजन के अनुरूप समुद्र में प्रत्येक जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

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