रांची : राजधानी रांची में मानसून की मेहरबानी का असर अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। 1 सितंबर को हुई मूसलाधार बारिश के चलते शहर की ‘लाइफलाइन’ कहे जाने वाले कांके डैम का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने इस सीजन में तीसरी बार डैम का फाटक खोला है। सुरक्षा के मद्देनजर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है और उन्हें पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
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कांके डैम का एक फाटक 4 इंच खोला गया
कांके डैम के केमिस्ट विकास के अनुसार, लगातार हो रही बारिश की वजह से 31 अगस्त की रात 11:00 बजे डैम का एक फाटक 4 इंच तक खोलना पड़ा। उन्होंने बताया कि कांके डैम की कुल जल संग्रहण क्षमता 28 फीट है। जलस्तर क्षमता से अधिक होने के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह कदम उठाया गया है। यदि क्षेत्र में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो जल्द ही दूसरा गेट भी खोला जा सकता है। इससे पहले चालू मानसून सीजन में सबसे पहले 14 अगस्त को डैम का गेट 6 इंच खोला गया था।
रांची में सामान्य से 10% अधिक बारिश
राजधानी रांची में इस वर्ष मानसून की स्थिति काफी बेहतर रही है। मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 1 सितंबर के बीच रांची में 823.9 मिमी बारिश को सामान्य माना जाता है, लेकिन इस अवधि में अब तक 907.5 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा सामान्य से 10 फीसदी अधिक है।
गर्मी के दिनों में नहीं होगी पानी की राशनिंग
कांके डैम से रांची शहर की एक बहुत बड़ी आबादी को पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। हालांकि, कैचमेंट एरिया में लगातार हो रहे अतिक्रमण के कारण यह डैम अक्सर सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार पर्याप्त जलभंडारण होने से रांचीवासियों को बड़ी राहत मिली है। अब आगामी गर्मी के मौसम में शहर में पेयजल संकट या वॉटर राशनिंग जैसी नौबत आने की संभावना बेहद कम हो गई है।




