रांची : पूर्वी भारत में नक्सलवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मंगलवार को पूर्वी क्षेत्रीय परिषद समन्वय समिति (ERPCC-2026) की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र के साथ बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के डीजीपी शामिल हुए। पुलिस मुख्यालय सभागार से आयोजित बैठक में अंतर्राज्यीय अपराधों पर रोक, जीरो एफआईआर के प्रभावी क्रियान्वयन और रेल सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
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सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त अभियान पर जोर
बैठक के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि झारखंड की सीमाएं ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार से जुड़ी हैं। ऐसे में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त अभियान, खुफिया सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान और समन्वय बैठकों को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने माओवादी गतिविधियों के दोबारा संगठित होने की किसी भी संभावना को समय रहते रोकने पर भी बल दिया।
ड्रग्स और साइबर अपराध पर साझा रणनीति
बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती राज्यों में संयुक्त चेकपोस्ट और नाकाबंदी, NCORD पोर्टल के प्रभावी उपयोग तथा तस्करी नेटवर्क की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकिंग की जांच पर सहमति बनी। साथ ही सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। साइबर अपराध की रोकथाम के लिए राज्यों के बीच रियल टाइम डेटा शेयरिंग, साझा डेटाबेस तैयार करने, फर्जी सिम कार्ड और म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने, सिम विक्रेताओं के संयुक्त सत्यापन तथा प्रत्येक राज्य में नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने पर भी सहमति बनी।
जीरो एफआईआर और CCTNS पर हुई चर्चा
बैठक में जीरो एफआईआर के पंजीकरण में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। Cri&MAC पोर्टल की तकनीकी खामियों, CCTNS के साथ एकीकरण और ऑनलाइन ट्रैकिंग से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार को सुझाव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में पांचों राज्यों के डीजीपी ने नक्सलवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त एवं समन्वित कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक में आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी नरेन्द्र कुमार सिंह, डीआईजी कार्तिक एस, डीआईजी नौशाद आलम सहित झारखंड पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



