रांची: झारखंड के रहने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश के नेतृत्व में भारतीय सेना के पर्वतारोही दल ने उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित 6,512 मीटर (करीब 21,365 फीट) ऊंची माउंट भागीरथी-II को सफलतापूर्वक फतह कर लिया है। चोटी पर तिरंगा फहराकर सेना के दल ने देश के साथ-साथ झारखंड का भी मान बढ़ाया है।
माउंट भागीरथी-II की इस चुनौतीपूर्ण चढ़ाई को भारतीय सेना के 2027 एवरेस्ट मैसिफ अभियान की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश के नेतृत्व में मिली इस सफलता से कोडरमा और पूरे झारखंड में गर्व का माहौल है।
कोडरमा के लाल ने 21,365 फीट की ऊंचाई पर लहराया तिरंगा
लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश, जो झारखंड के कोडरमा के रहने वाले हैं, भारतीय सेना के अनुभवी पर्वतारोहियों में शामिल हैं। उनके नेतृत्व में सेना के दल ने गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र की बेहद चुनौतीपूर्ण माउंट भागीरथी-II पर सफल आरोहण किया।
करीब 21,365 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर दल ने तिरंगा फहराया। कठिन मौसम और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच मिली यह सफलता न केवल सेना के लिए बल्कि झारखंड के लिए भी गौरव की बात है।
खड़ी बर्फीली दीवारें और क्रेवास के बीच हासिल की मंजिल
माउंट भागीरथी-II, भागीरथी मासिफ का हिस्सा है और गंगोत्री नेशनल पार्क में गंगोत्री ग्लेशियर के ऊपर स्थित है। यह चोटी तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
अभियान के दौरान पर्वतारोहियों को खड़ी बर्फीली दीवारों, क्रेवास यानी बर्फ की गहरी दरारों, तेज हवाओं, अचानक बदलते मौसम और बेहद कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
ऐसे हालात में दल के सदस्यों को ऊंचाई के अनुकूलन, आइसक्राफ्ट, रोप फिक्सिंग और टीमवर्क जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करना पड़ा। इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए टीम ने चोटी तक पहुंचकर तिरंगा फहराया।
2027 एवरेस्ट अभियान की तैयारियों में बड़ी उपलब्धि
माउंट भागीरथी-II का यह अभियान सिर्फ एक चोटी फतह करने तक सीमित नहीं है। यह भारतीय सेना के 2027 एवरेस्ट मैसिफ अभियान की तैयारियों का भी हिस्सा है।
सेना के पर्वतारोहण अभियानों के जरिए जवानों को अत्यधिक ऊंचाई, कम ऑक्सीजन, कठिन मौसम और तकनीकी पर्वतारोहण जैसी परिस्थितियों का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। इससे बड़े और चुनौतीपूर्ण अभियानों के लिए टीम की क्षमता को मजबूत किया जाता है। इससे पहले भी भारतीय सेना के पर्वतारोहण दलों ने माउंट कुन समेत कई ऊंची चोटियों पर सफल अभियान पूरे किए हैं।
झारखंड के लिए गर्व का पल
लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश की इस उपलब्धि से कोडरमा समेत पूरे झारखंड का गौरव बढ़ा है। देश की सेवा के साथ पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। झारखंड की धरती से निकले इस जांबाज अधिकारी ने हजारों फीट ऊंची बर्फीली चोटी पर तिरंगा फहराकर यह संदेश दिया है कि हौसले बुलंद हों तो बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।
माउंट भागीरथी-II की सफल फतह से लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश और उनकी टीम का मनोबल भी बढ़ा है। अब इस अनुभव का लाभ भारतीय सेना के आगामी 2027 एवरेस्ट मैसिफ अभियान की तैयारियों में मिलेगा।




