राजगंज, धनबाद: बगदाहा स्थित विनोद बिहारी महतो स्टेडियम में आयोजित करम महोत्सव में झारखंड सरकार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने पारंपरिक उल्लास के साथ करम पर्व मनाया।
महोत्सव को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि करम केवल पूजा और उत्सव का अवसर नहीं है। यह झारखंडी समाज की प्रकृति-दृष्टि, सामाजिक चेतना, सामूहिक जीवन और सांस्कृतिक स्वाभिमान की पहचान है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमा से नहीं, बल्कि यहां की भाषा, संस्कृति, लोकपरंपरा, पर्व-त्योहार और सामाजिक मूल्यों से बनती है। इसलिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
श्री महतो ने कहा कि आज जब बदलते समय के साथ नई पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर हो रही है, तब करम जैसे पर्व सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का माध्यम बन सकते हैं। युवाओं को अपनी भाषा, लोकगीत, लोकनृत्य, परंपरा और इतिहास से जोड़ना होगा, ताकि विकास के साथ हमारी पहचान भी मजबूत रहे।
उन्होंने कहा कि जिस समाज को अपनी संस्कृति पर गर्व नहीं होता, उसकी पहचान धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाती है। झारखंड को विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की भी रक्षा करनी होगी।
श्री महतो ने करम पर्व को सामाजिक एकता, प्रकृति संरक्षण और भाई-बहन के स्नेह का संदेश देने वाला पर्व बताते हुए सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
ये रहे शामिल
आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह पूर्व विधायक लंबोदर महतो, केंद्रीय सचिव संतोष महतो, केंद्रीय सचिव श्रीमती यशोदा देवी, केंद्रीय सचिव श्रीमती बानी देवी, बोकारो जिला अध्यक्ष सचिन महतो, हलधर महतो, श्रीधर महतो समेत पार्टी के कई पदाधिकारी, जिला एवं प्रखंड स्तरीय नेता, गणमान्य नागरिक, आयोजन समिति के सदस्य तथा हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।








