झुमरीतिलैया बना धर्मनगरी, मुनि सुयश सागर महाराज के चातुर्मास से धार्मिक माहौल

झुमरीतिलैया : जैन धर्म के परम तपस्वी संत मुनि श्री 108 सुयश सागर महाराज का रविवार को झुमरीतिलैया में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गुरुदेव की अगवानी के लिए सुभाष चौक पहुंचे। भक्तों ने गुरुदेव के चरण पखारकर आशीर्वाद लिया और

झुमरीतिलैया

झुमरीतिलैया : जैन धर्म के परम तपस्वी संत मुनि श्री 108 सुयश सागर महाराज का रविवार को झुमरीतिलैया में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गुरुदेव की अगवानी के लिए सुभाष चौक पहुंचे। भक्तों ने गुरुदेव के चरण पखारकर आशीर्वाद लिया और पूरे शहर में निकली शोभायात्रा के दौरान भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

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शोभायात्रा में झारखंडी ताशा पार्टी, बैंड-बाजा, जैन स्कूल के विद्यार्थियों की बैंड टीम, महिलाओं की कलश यात्रा, जैन धर्म के ध्वज और जयघोष आकर्षण का केंद्र रहे। डांडिया नृत्य प्रस्तुत करती बालिकाएं, सैन्य वेशभूषा में बच्चे और रंग-बिरंगे गुब्बारों के साथ निकली झांकी ने पूरे शहर को धर्ममय बना दिया।

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

जैन संत के मंगल प्रवेश में छत्तीसगढ़, राउरकेला, रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, गया, पटना, कोलकाता, चतरा, पारसनाथ समेत कई शहरों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और आरती के साथ गुरुदेव का स्वागत किया गया। शहर के प्रमुख मार्गों को रंगोली, स्वागत द्वार और पंचरंगा ध्वजों से सजाया गया।

चातुर्मास का विशेष महत्व बताया

बड़ा मंदिर पहुंचकर मुनि श्री सुयश सागर महाराज ने मूलनायक भगवान श्री 1008 पार्श्वनाथ के दर्शन किए और धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि झुमरीतिलैया के लोगों की गुरु भक्ति और धर्म के प्रति समर्पण ही उन्हें दूसरी बार यहां चातुर्मास के लिए लेकर आया है। उन्होंने कहा कि चातुर्मास जैन धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें संत वर्षा ऋतु के दौरान एक स्थान पर रहकर धर्म प्रचार, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और जीव दया का संदेश देते हैं। यह अवधि समाज और संतों के बीच आध्यात्मिक जुड़ाव को और मजबूत करती है।

चार माह तक चलेगा धार्मिक आयोजन

मुनि श्री सुयश सागर महाराज के चातुर्मास के दौरान झुमरीतिलैया में अगले चार महीनों तक नियमित प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान, स्वाध्याय, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे पूरे जिले में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा। इस आयोजन को सफल बनाने में जैन समाज के पदाधिकारियों, युवा कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम की जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा एवं नवीन जैन ने दी।

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