वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर पहुंचे RIMS ट्रॉमा सेंटर, भर्ती मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की ली विस्तृत जानकारी

JSSC-CGL मामले में पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की भूमिका की हो निष्पक्ष जांच : बाबूलाल मरांडीरांची: पलामू के सिक्का गांव में रहस्यमयी बीमारी से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई। उस परिवार के कई लोग रिम्स में इलाजरत हैं। उन मरीजों को

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JSSC-CGL मामले में पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की भूमिका की हो निष्पक्ष जांच : बाबूलाल मरांडीरांची:  पलामू के सिक्का गांव में रहस्यमयी बीमारी से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई।  उस परिवार के कई लोग रिम्स में इलाजरत हैं।  उन मरीजों को देखने के लिए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सोमवार को रिम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।
वित्त मंत्री के साथ स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के संयुक्त सचिव सह निदेशक दिनेश यादव, रिम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ डीके सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक तथा अन्य प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पलामू के एक ही परिवार के कई भर्ती मरीजों का हाल जानने के बाद वित्त मंत्री ने रिम्स ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया।  निरीक्षण के दौरान मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भर्ती मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी विशेषज्ञ चिकित्सकों से प्राप्त की तथा उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की समर्पित टीम गठित कर समन्वित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुनिश्चित की जाए।

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वित्त मंत्री ने पलामू के एक ही परिवार के भर्ती मरीज की इलाज में कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिया। साथ ही कहा कि आवश्यकता पड़ने पर देश के अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों से टेली-कंसल्टेशन की व्यवस्था की जाए तथा मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुरूप आवश्यक होने पर समयबद्ध तरीके से उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जा। .

वित्त मंत्री के साथ रिम्स पहुंचें उच्च अधिकारियों ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, आवश्यक दवाओं, जांचों एवं सतत निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की।  साथ ही निर्देश दिया कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे तथा सभी आवश्यक संसाधन हर समय उपलब्ध रहें। घटना में मृत परिजनों के मामले में अधिकारियों ने पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया, ताकि मृत्यु के कारणों का वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
रिम्स की ओर से बताया गया है कि प्रारंभिक चिकित्सकीय आकलन के आधार पर विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की है कि यह मामला एपिडेमिक ड्रॉप्सी  से संबंधित हो सकता है, जो प्रायः दूषित सरसों के तेल के सेवन से उत्पन्न होता है.। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि के लिए आवश्यक जैविक एवं खाद्य नमूने संग्रहित कर फॉरेंसिक एवं प्रयोगशाला जांच कराने का निर्णय लिया गया है।  जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत ही बीमारी के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। रिम्स प्रशासन ने आश्वस्त किया कि सभी मरीजों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सतत निगरानी में निर्धारित चिकित्सीय प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जा रहा है तथा संस्थान उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
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