जमशेदपुर : जमशेदपुर में टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TSDPL) के कर्मचारियों को अब कैंटीन सुविधा के लिए हर महीने 100 रुपये अधिक भुगतान करना होगा। कंपनी प्रबंधन ने गुरुवार को जारी नोटिस में मासिक कैंटीन शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये करने की जानकारी दी है। शुल्क बढ़ने के बाद कर्मचारियों के एक वर्ग में नाराजगी देखी जा रही है।
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कैंटीन शुल्क बढ़ने से कर्मचारियों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
कर्मचारियों का कहना है कि कैंटीन शुल्क में अचानक की गई बढ़ोतरी से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका आरोप है कि इस मामले में यूनियन नेतृत्व भी कर्मचारियों के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि यूनियन पदाधिकारी शुल्क बढ़ोतरी को लेकर अलग-अलग माध्यमों से अलग-अलग बातें बता रहे हैं। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि कैंटीन शुल्क बढ़ाने का प्रावधान ग्रेड रिवीजन के दौरान ही तय किया गया था। वहीं, कुछ कर्मचारी इसे कैंटीन की गुणवत्ता में सुधार से जोड़कर देख रहे हैं। जबकि एक वर्ग इसे प्रबंधन का एकतरफा फैसला बता रहा है। इस वजह से कर्मचारियों के बीच शुल्क बढ़ोतरी को लेकर असमंजस बना हुआ है।
ग्रेड रिवीजन के बाद पहले से नाराज हैं कर्मचारी
कर्मचारियों के अनुसार, कैंटीन शुल्क में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब हालिया ग्रेड रिवीजन को लेकर कर्मचारियों के एक वर्ग में पहले से असंतोष है। उनका कहना है कि यदि ग्रेड रिवीजन का समझौता समय पर हो जाता तो मौजूदा परिस्थितियों में होने वाले संभावित नुकसान से बचा जा सकता था। कर्मचारियों का दावा है कि ग्रेड रिवीजन की अवधि छह वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा वेतन में हुई बढ़ोतरी भी उनकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। इन वजहों से ग्रेड रिवीजन के बाद यूनियन नेतृत्व के प्रति कर्मचारियों के एक वर्ग में नाराजगी बनी हुई है।
पुराने ग्रेड रिवीजन समझौते की हो रही चर्चा
कई कर्मचारी पूर्व वरीय महाप्रबंधक पीके साहू के कार्यकाल में हुए ग्रेड रिवीजन समझौते को बेहतर बताते हुए उसकी चर्चा कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उस समय हुआ समझौता उनके हित में था और लंबे समय तक याद किया जाएगा। कर्मचारियों के मुताबिक, ग्रेड रिवीजन या बोनस समझौते के बाद यूनियन अध्यक्ष के जोरदार अभिनंदन की परंपरा रही है। हालांकि, इस बार बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अध्यक्ष के अभिनंदन कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। कर्मचारियों का कहना है कि इससे यूनियन नेतृत्व के प्रति उनके असंतोष का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब यूनियन के रुख पर टिकी कर्मचारियों की नजर
कैंटीन शुल्क में नई बढ़ोतरी के बाद अब कर्मचारियों की नजर यूनियन नेतृत्व के रुख पर टिकी है। कर्मचारी चाहते हैं कि शुल्क बढ़ाने के कारणों को स्पष्ट किया जाए और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की जाए।




