रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सरकार के उस आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें परीक्षा रद्द करने की बात कही गई थी। जस्टिस दीपक रौशन की अदालत के इस फैसले से करीब 1900 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, इस मामले में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने सरकार के परीक्षा रद्द करने वाले आदेश को ही पलट दिया है। इससे लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिली है।
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अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को दी थी चुनौती
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दी थी। प्रार्थियों ने इसे नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया था। उनकी ओर से कहा गया था कि परीक्षा रद्द करने का सरकारी आदेश उचित नहीं है। इसी फैसले को चुनौती देते हुए अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
राज्य सरकार ने क्या दी थी दलील?
राज्य सरकार की ओर से अदालत में परीक्षा रद्द करने के फैसले का बचाव किया गया था। सरकार ने दलील दी थी कि परीक्षा संस्था की पवित्रता बनाए रखने और छात्रहित को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया है।



