रांची। जमीन खरीद मामले में ठगी के शिकार हुए सब-जज नईम अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें निचली अदालत द्वारा जमीन के फर्जी दस्तावेज के आधार पर उनसे ठगी करने वाले अभियुक्तों को दी गयी जमानत को चुनौती दी गई है।
हाईकोर्ट ने सब-जज की याचिका के आलोक में अभियुक्तों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। सब-जज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अभियुक्त बब्लू अंसारी को दी गयी नियमित जमानत और सितारा खातून, नौशाद,शमशाद, सरफराज व सद्दाम को दी गयी अग्रिम जमानत को चुनौती दी है।
सब-जज की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत ने अभियुक्त बब्लू अंसारी को नियमित व अन्य को अग्रिम जमानत देने के लिए कानून द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया है। अभियुक्तों ने भी जमानत याचिका में अपने आपराधिक इतिहास का उल्लेख नहीं किया। याचिका में यह भी कहा गया है कि अभियुक्तों ने सुनियोजित साजिश के तहत गिरिडीह जिले के मौजा भंडारीडीह के खाता नंबर 17, प्लॉट नंबर 443, रकबा 0.04 एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए इस दस्तावेज के सहारे जमीन बेचने का एकरारनामा कर पांच लाख रुपये लिये। इसमें से 50 हजार यूपीआई के माध्यम से और 4.50 लाख चेक के सहारे लिया गया।
जांच में पता चला कि यह जमीन जीनत नियाम कुरैशी के पिता की है। पिता की मौत के बाद जीनत इस जमीन की वारिस है। सब-जज ने ठगी में शामिल अभियुक्तों को दी गई नियमित और अग्रिम जमानत रद्द करने का अनुरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि सब-जज नईम अंसारी के अलावा जमीन की मालकिन जीनत नियाज कुरैशी ने भी अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। जीनत ने अपने प्राथमिकी में कहा है कि उसकी जमीन पर कब्जा करने की पहली कोशिश नाकाम होने के बाद अभियुक्तों ने दूसरी बार फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन को बेचने की कोशिश की। जमीन पर कब्जा करने के लिए अभियुक्तों ने उस पर बने घर को भी तोड़ दिया है।




