रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन–2026 को झारखंड के औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक भविष्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के संवाद और परामर्श कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा वाला राज्य नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यटन, ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर पावर, स्टील उत्पादन, शिक्षा और कौशल विकास के नए राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभर रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न औद्योगिक घरानों और वैश्विक संस्थाओं के साथ 14 महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर तथा 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव झारखंड की बदलती औद्योगिक छवि का प्रमाण हैं। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में उद्योगों का विस्तार होगा, आधुनिक तकनीक आएगी और बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि जिंदल समूह द्वारा झारखंड में स्टील, परमाणु ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजना राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समूह की ओर से करीब 71 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव की चर्चा झारखंड की औद्योगिक क्षमता के प्रति देश के बड़े औद्योगिक घरानों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। स्टील और ऊर्जा के क्षेत्र में होने वाला निवेश राज्य की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ रोजगार, सहायक उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि कार्यक्रम में वरुण बेवरेजेस सहित विभिन्न औद्योगिक समूहों द्वारा निवेश के प्रस्ताव, पर्यटन क्षेत्र के विस्तार, होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के विकास, औद्योगिक पार्क, आईटी पार्क तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर प्रस्तुत योजनाएं बताती हैं कि झारखंड में विकास का दायरा अब परंपरागत खनन और भारी उद्योगों से कहीं आगे बढ़ चुका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल गवर्नेंस को विकास नीति का महत्वपूर्ण आधार बनाना दूरदर्शी निर्णय है। गूगल के साथ हुए समझौते से एआई, क्लाउड टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर आधुनिकीकरण को गति मिलने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, प्रशासनिक क्षमता निर्माण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में व्यापक बदलाव की संभावनाएं पैदा होंगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है कि किसी राज्य या देश के समग्र विकास की योजना अल्पकालिक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। सरकार ने अधिकारियों को योजनाओं को निश्चित समय-सीमा में धरातल पर उतारने का स्पष्ट निर्देश देकर यह संदेश दिया है कि एमओयू केवल कागजी घोषणा बनकर नहीं रहेंगे, बल्कि उनके क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा की जाएगी।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा औद्योगिक नीतियों में आदिवासी समूहों के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान की समीक्षा कर इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने की बात सामाजिक न्याय और विकास में स्थानीय भागीदारी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि औद्योगिक विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब राज्य के आदिवासी, मूलवासी, युवा, किसान और स्थानीय समुदाय उसके प्रत्यक्ष भागीदार बनें।
उन्होंने कहा कि झारखंड जल, जंगल, जमीन और अपार खनिज संसाधनों से समृद्ध है। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार के दौर में साइंटिफिक माइनिंग की दिशा में आगे बढ़ते हुए प्राकृतिक विरासत की रक्षा और संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग आवश्यक है। विकास और पर्यावरण संरक्षण को परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि संतुलित नीति के दो महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में आगे बढ़ाना होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अतीत में बेहतर संवाद और प्रभावी कम्युनिकेशन की कमी के कारण झारखंड की वास्तविक क्षमताएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी तरह सामने नहीं आ सकीं। अब राज्य सरकार देश-विदेश के निवेशकों, उद्योग जगत, तकनीकी संस्थानों और नीति विशेषज्ञों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर इस अंतर को समाप्त कर रही है। नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन–2026 इसी नई सोच का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भी झारखंड सरकार की नई नीति निर्माण प्रक्रिया की सराहना की है। उद्योग जगत का यह विश्वास राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। नीति निर्माण से पहले उद्योगों, विशेषज्ञों, निवेशकों और संबंधित पक्षों से व्यापक संवाद करना पारदर्शी और व्यावहारिक शासन का उदाहरण है।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि झारखंड की पहचान अब केवल खनिज संपदा से नहीं होगी। आने वाले वर्षों में राज्य आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यटन, ग्रीन एनर्जी, स्टील, न्यूक्लियर पावर, आधुनिक उद्योग, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाएगा। लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की दिशा में बढ़ता झारखंड इस बात का प्रमाण है कि गठबंधन सरकार ने विकास और सामाजिक न्याय को साथ लेकर चलने का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य के समावेशी औद्योगिक विकास, स्थानीय युवाओं के रोजगार, आदिवासी-मूलवासी समुदायों की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीकी विकास की इस यात्रा में पूरी मजबूती के साथ सरकार के साथ खड़ी है। आने वाला समय झारखंड के आर्थिक और औद्योगिक इतिहास का नया अध्याय लिखेगा।




