रांची : करमा पूजा 2026 के अवसर पर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी जिलों के कप्तानों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 22 और 23 सितंबर को होने वाले इस पावन पर्व के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस, जिला प्रशासन, बिजली विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया है। खासकर करम डाल विसर्जन के समय नदियों, तालाबों और जलाशयों में होने वाले हादसों को रोकने के लिए पहले से ही पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने पर जोर दिया गया है।
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पिछले वर्षों की घटनाओं से लिया सबक
पुलिस मुख्यालय ने अपने निर्देश में 2021 और 2022 में हुई दुखद घटनाओं का हवाला दिया है। वर्ष 2021 में चाईबासा, लातेहार के बालूमाथ, बरियातू और मनिका में विसर्जन के दौरान डूबने से कई युवकों, युवतियों और बच्चों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 2022 में लोहरदगा और बोकारो में जुलूस के दौरान वीडियो बनाने और फब्तियां कसने को लेकर हुए विवादों को ध्यान में रखते हुए इस बार असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।
डीजे, शराब और सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर
पर्व के दौरान डीजे पर बजने वाले उत्तेजक गानों, भड़काऊ नारों, अवैध शराब की बिक्री और जुआ-अड्डों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही व्हाट्सऐप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाने वाली पोस्ट पर पुलिस की तकनीकी टीम सीधी नजर रखेगी। आपत्तिजनक पोस्ट मिलने पर संबंधित ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
जुलूस मार्ग और विसर्जन स्थलों का होगा निरीक्षण
करमा जुलूस के रूट में कम ऊंचाई पर झूल रहे बिजली के हाईटेंशन तारों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और पीसीआर वाहनों की गश्त बढ़ाने का आदेश दिया गया है। मुख्यालय ने सभी जिलों से संवेदनशील इलाकों, अखाड़ों और शांति समिति के साथ बैठकों का विवरण मांगते हुए पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने का निर्देश दिया है।




