रांची : माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष (झाड़सा) सुजित नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त (रांची) अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), रांची द्वारा शुक्रवार को बड़ाम पंचायत भवन, नामकुम में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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‘मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत’ की दिशा में क्रांतिकारी पहल
डालसा टीम के पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा शुरू किया गया “सामुदायिक मध्यस्थता: एक मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर-2026” अभियान एक ऐतिहासिक कदम है।
पीएलवी तारा मिंज, प्रीति कुमारी, युधिष्ठिर महतो, सीमा कुमारी, बिनोद कच्छप और जसिन्ता टोप्पो ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य:
छोटे-मोटे और शुरुआती विवादों का ग्राम पंचायत स्तर पर ही सौहार्दपूर्ण समाधान करना।
विवादों को अदालत तक पहुँचने से रोककर मुकदमों का बोझ कम करना।
ग्राम पंचायतों और सामुदायिक संस्थाओं को विवाद निवारण में सशक्त बनाना।
ग्रामीण आबादी में कानूनी साक्षरता बढ़ाकर आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है।
12 सितंबर को राष्ट्रीय और 21-23 अगस्त को विशेष लोक अदालत
कार्यक्रम के अंत में डालसा टीम ने आगामी 12 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट), रांची में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही 21, 22 और 23 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के शीघ्र और सुलभ निस्तारण हेतु आयोजित होने वाली ‘विशेष लोक अदालत’ का लाभ उठाने की भी अपील की गई। ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सहायता के लिए NALSA टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई और पंपलेट व लीफलेट का वितरण किया गया।




