रांची : रांची नगर निगम किरायेदार संघ की शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर निगम की ओर से जारी नोटिस और अपर बाजार के व्यापारियों के भविष्य पर गहन चर्चा हुई। बैठक के बाद संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई से सैकड़ों व्यापारी परिवार गंभीर चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।
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“किसी की रोजी-रोटी छीनना न्यायसंगत नहीं”
संघ अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि नगर आयुक्त के साथ व्यापारियों की करीब तीन घंटे तक विस्तार से वार्ता हुई। इस दौरान नगर निगम ने तर्क दिया कि वर्तमान व्यापारी पिछले 50-60 वर्षों से दुकानें चला रहे हैं, इसलिए अब नए लोगों को भी अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, मुकेश अग्रवाल ने RMC (रांची नगर निगम) के इस तर्क को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि किसी की पुरानी आजीविका छीनकर दूसरों को मौका देना सरासर अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 1939-40 में आवंटित भूमि पर व्यापारियों ने अपने निजी संसाधनों से 608 दुकानें विकसित की थीं। उन्होंने निगम के उन दावों को भी गलत बताया जिनमें 30 दुकानें बिकने और 180 दुकानों के अवैध संचालन की बात कही गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकांश दुकानें मूल आवंटियों के वैध उत्तराधिकारियों द्वारा ही चलाई जा रही हैं और नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया RMC के पास वर्षों से लंबित है, जबकि निगम उनसे नियमित रूप से किराया वसूल रहा है।
मल्टी-स्टोरी कॉम्प्लेक्स की योजना पर आपत्ति
इसके साथ ही व्यापारियों ने RMC द्वारा NBCC के सहयोग से बहुमंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि अपर बाजार पूरे झारखंड का मुख्य थोक व्यापारिक केंद्र है और थोक कारोबार को किसी मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में संचालित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होगा। व्यापारियों ने इस समस्या के समाधान के लिए RMC को मार्च 2027 तक का अग्रिम किराया जमा करने का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन निगम प्रशासन ने इसे स्वीकार नहीं किया।
हाईकोर्ट पर भरोसा, CM से हस्तक्षेप की गुहार
मुकेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल हाई कोर्ट में विचाराधीन है और व्यापारियों को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इसके साथ ही संघ ने CM से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम अपनी आजीविका और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट हैं और अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रखेंगे।” बैठक में पूर्व महापौर संजीव विजयवर्गीय, गोवर्धन गाड़ोदिया, बानो जालान, शंकर झा, सीपी जैन, लोकेश केजरीवाल, अनूप गाड़ोदिया, अशोक जैन, विक्रम माहुरी समेत कई प्रमुख व्यापारी नेता मौजूद थे।



