रांची : शहर की हवा को स्वच्छ बनाने और वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रांची नगर निगम ने नई कार्ययोजना पर जोर दिया है। आज यानी शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में सिटी लेवल इंप्लीमेंटेशन कमिटी की 12वीं बैठक आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत अब तक हुए कार्यों, वित्तीय खर्च और भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर उनके नियंत्रण के लिए कई अहम निर्देश दिए गए।
Read More : हर बच्चे का सुरक्षित बचपन हम सभी की जिम्मेदारी : डालसा सचिव
निर्माण स्थलों को ग्रीन शीट से ढकना अनिवार्य
बैठक में शहर में धूल प्रदूषण रोकने के लिए सभी निर्माणाधीन भवनों और कंस्ट्रक्शन साइट्स को ग्रीन शीट से ढकना अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया। नगर आयुक्त ने NCAP के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा।
पांच सबसे प्रदूषित और पांच स्वच्छ इलाकों की होगी पहचान
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, रांची को वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर नगर निगम क्षेत्र के पांच सर्वाधिक और पांच न्यूनतम प्रदूषित स्थलों की पहचान कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा यह भी पता लगाने को कहा गया कि दिन के किस समय PM10 का स्तर सबसे अधिक और सबसे कम रहता है। शहर के अलग-अलग इलाकों में एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए वैज्ञानिक पद्धति से रूट प्लान तैयार किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष टीम गठित करने का भी निर्देश दिया गया।
पौधरोपण और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर
नगर निगम की हॉर्टिकल्चर शाखा को शहर में पौधरोपण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने और अधिकतम पौधे लगाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। इसका उद्देश्य रांची के हरित आवरण (ग्रीन कवर) को बढ़ाना है। वहीं, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत पेवर ब्लॉक लगाने, सड़क मरम्मत, वृक्षारोपण, शवदाह गृह और कचरा प्रबंधन जैसे कार्यों को शामिल करते हुए सैचुरेशन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया। इस योजना को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा जाएगा।
लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश
बैठक में उपलब्ध निधि का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा अभियंत्रण शाखा को लंबित योजनाओं और कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान
वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा को वायु प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों और उनके प्रभावों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
स्वच्छ हवा के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील
रांची नगर निगम ने वायु गुणवत्ता में सुधार को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। निगम ने लोगों से निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करने, खुले में कचरा नहीं जलाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की है। नगर निगम का कहना है कि प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण, हरित आवरण का विस्तार, वैज्ञानिक निगरानी और जनभागीदारी के जरिए वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सहायक नगर आयुक्त निकेश कुमार, सहायक नगर आयुक्त निहारिका तिर्की, कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार, कार्यपालक अभियंता राम बदन सिंह, वन प्रमंडल रांची के विशेष कार्य पदाधिकारी गोरख नाथ यादव, सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी आनंद शेखर झा और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के क्षेत्रीय कार्यालय की सहायक पर्यावरण अभियंता माला कुमारी सहित रांची नगर निगम के अभियंता और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



