पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम जिले के घाटकुड़ी रक्षित वन क्षेत्र में पिछले 15 महीनों से बंद पड़ी टाटा स्टील की विजया-टू आयरन ओर खदान को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कंपनी इस खदान का संचालन करने के लिए पहली बार माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (एमडीओ) व्यवस्था लागू करने जा रही है। दिवाली के बाद एमडीओ का चयन होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र के खनन, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
यह खदान घाटकुड़ी रक्षित वन क्षेत्र में कुल 383.20 एकड़ (155.078 हेक्टेयर) क्षेत्र में फैली है। मूल रूप से यह खनन पट्टा मेसर्स उषा मार्टिन लिय को 18 अगस्त 2005 से 17 अगस्त, 2025 तक 20 वर्षों के लिए स्वीकृत हुआ था। बाद में सरकारी अनुमति से यह हस्तांतरण टाटा स्पंज आयरन लिमिटेड को हुआ, जो आगे चलकर टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट लि. बनी और अंत में इसका विलय टाटा स्टील लि. में हो गया। खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत टाटा स्टील ने इस पट्टे को 50 वर्षों के लिए विस्तारित करने का अनुरोध किया था, जिसे राज्य मंत्रिपरिषद ने 28 दिसंबर, 2016 को मंजूरी दी थी। खदान के पुनः संचालन से जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर बनेंगे तथा परिवहन व लोडिंग जैसे सहायक व्यवसायों को गति मिलेगी।
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