हर बच्चे का सुरक्षित बचपन हम सभी की जिम्मेदारी : डालसा सचिव

रांची : बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की नींव है। इसी उद्देश्य से नालसा के सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शुक्रवार को रांची के दो स्कूलों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

डालसा
बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करती डालसा की टीम।

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रांची : बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की नींव है। इसी उद्देश्य से नालसा के सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शुक्रवार को रांची के दो स्कूलों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेंट जेवियर स्कूल, डोरंडा और डीएवी गांधी नगर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षा से संबंधित शपथ भी दिलाई गई। यह कार्यक्रम झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर, सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और रांची के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डालसा सचिव (इंचार्ज) राकेश रौशन ने किया।

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यौन शोषण और साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी

डालसा सचिव राकेश रौशन ने कहा कि सुरक्षित बचपन अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न, बाल दुर्व्यवहार, साइबर अपराध और अन्य प्रकार के शोषण से बचाने के लिए जागरूक करना है। इसके साथ ही बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण की जानकारी देना तथा जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराना भी अभियान का उद्देश्य है। न्यायिक दंडाधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सरकारी और निजी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम 2012, बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा, ऑनलाइन सुरक्षा और शोषण की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

अनुचित व्यवहार पर चुप न रहें बच्चे

डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार या शोषण की स्थिति में बच्चों को चुप रहने की जरूरत नहीं है। उन्हें बिना किसी डर या संकोच के अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कानून प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, सम्मान और संरक्षण का अधिकार देता है। जरूरतमंद और पीड़ित बच्चों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बच्चों को बताए गए हेल्पलाइन नंबर और शिकायत के तरीके

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई। इसके अलावा आईसी-4 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

कई अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी अमित गुप्ता, डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, लाइफ सेवर्स एनजीओ के प्रमुख एनके बेरा, पीएलवी बंधु उरांव, अनुपम तिवारी, राजेंद्र महतो, भारती शाहदेव, शारदा देवी, संगीता देवी, मालती देवी, सविता देवी, बबिता देवी, संध्या विश्वास, राजा वर्मा, गणेश कुमार, युधिष्ठिर महतो, प्रदीप नाग, बेबी सिन्हा, मुनी देवी, मुनि देवी, नमिता देवी, सीमा देवी और सहिस्ता परवीन समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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