सरला बिरला पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गुजरात-मुंबई का शैक्षणिक भ्रमण किया

रांची : सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची के विद्यार्थियों की गुजरात और मुंबई की शैक्षणिक यात्रा ज्ञान, संस्कृति और रोमांच से भरपूर रही। यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना और देश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों

विद्यार्थियों
गुजरात-मुंबई भ्रमण पर विद्यार्थी।

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रांची : सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची के विद्यार्थियों की गुजरात और मुंबई की शैक्षणिक यात्रा ज्ञान, संस्कृति और रोमांच से भरपूर रही। यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना और देश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों तथा विविधताओं से परिचित कराना था।

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गुजरात में आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण

यात्रा के पहले चरण में विद्यार्थियों ने अहमदाबाद स्थित श्री मां वैष्णोदेवी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद साबरमती आश्रम का भ्रमण किया, जहां उन्हें महात्मा गांधी के जीवन, सत्य, अहिंसा और सादगी के सिद्धांतों तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को जानने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने श्री स्वामीनारायण अक्षरधाम की स्थापत्य और शिल्पकला को भी देखा। 5/11 गेम जोन की मनोरंजक गतिविधियों ने यात्रा में उत्साह बढ़ाया। यात्रा का विशेष आकर्षण स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण रहा। सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा ने विद्यार्थियों को उनके नेतृत्व, संकल्प और देश की एकता एवं अखंडता में योगदान से परिचित कराया।

मुंबई में इतिहास, तटीय संस्कृति और रोमांच

गुजरात के बाद विद्यार्थियों ने मुंबई में ऐतिहासिक गेटवे ऑफ इंडिया का भ्रमण किया। मरीन ड्राइव पर अरब सागर के दृश्य देखने के बाद वे गिरगांव चौपाटी पहुंचे, जहां समुद्र किनारे लगने वाले स्ट्रीट फूड स्टॉल मुंबई की तटीय संस्कृति की झलक देते हैं। इमैजिका वॉटर पार्क में विद्यार्थियों ने जल-क्रीड़ाओं और मनोरंजक गतिविधियों का आनंद लिया। फीनिक्स मॉल के भ्रमण से उन्हें महानगर की आधुनिक जीवनशैली और शहरी परिवेश को करीब से जानने का अवसर मिला। इन गतिविधियों ने आपसी सहयोग, सहभागिता और मित्रता को भी मजबूत किया।

अनुभवात्मक शिक्षा से व्यक्तित्व विकास

विद्यालय की प्राचार्या मनीषा शर्मा ने कहा कि अनुभवात्मक शिक्षा विद्यार्थियों के ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। शैक्षणिक यात्राएं विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक परिवेश को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, अनुकूलनशीलता और सामूहिक कार्य करने की भावना विकसित करते हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गुजरात और मुंबई की यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए केवल दर्शनीय स्थलों का भ्रमण नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, संस्कृति और जीवन-मूल्यों को समझने का अवसर रही। यात्रा ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया और सहपाठियों के साथ बिताए पलों ने आपसी संबंधों को और मजबूत किया।

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