रांची में चेहल्लुम पर शिया समुदाय ने निकाला जुलूस, उमड़े हजारों अकीदतमंद

रांची : हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाए जाने वाले चेहल्लुम (अरबईन) के अवसर पर मंगलवार को राजधानी रांची में शिया समुदाय की ओर से पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। आस्था, ग़म और इंसानियत के इस प्रतीक जुलूस

चेहल्लुम

रांची : हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाए जाने वाले चेहल्लुम (अरबईन) के अवसर पर मंगलवार को राजधानी रांची में शिया समुदाय की ओर से पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। आस्था, ग़म और इंसानियत के इस प्रतीक जुलूस में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए और पूरे शहर में “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं। यह जुलूस स्वर्गीय एडवोकेट सैयद यावर हुसैन के आवास अनवर आर्केड से शुरू हुआ। इसके बाद अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए मेन रोड, अंजुमन प्लाज़ा चौक, उर्दू लाइब्रेरी, डेली मार्केट, ओल्ड टैक्सी स्टैंड, गांधी चौक, काली मंदिर चौक, चर्च रोड, विक्रांत चौक और कर्बला चौक होते हुए कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों के लिए पेयजल व फल की व्यवस्था की। जुलूस निकलने से पूर्व अनवर आर्केड में मजलिस-ए-ग़म का आयोजन किया गया।

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कर्बला का संदेश इंसानियत, अमन और न्याय: धर्मगुरु

जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस और संबोधनों में मुंबई से आए मौलाना नसीर आज़मी, मौलाना सैयद गुलाम अली नकवी और मौलाना शबीह गोपालपुरी ने कहा कि इमाम हुसैन ने अन्याय के सामने झुकने के बजाय सत्य और न्याय के लिए अपनी और अपने 72 साथियों की जान कुर्बान कर दी। आयोजक सैयद फ़राज़ अब्बास, इक़बाल फ़ातमी और नेहाल हुसैन सरियावी ने कहा कि कर्बला का संदेश पूरी मानवता को नफरत के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।

मर्सियों और कलाम से गूंजा कर्बला का दर्द

मजलिस के दौरान प्रसिद्ध शायरों ने अपने मर्सियों और कलाम के माध्यम से कर्बला के दर्द को पेश किया।

  • शायर फरमान जांगीपुरी : “खैबर अख़ी पे मर्सिया ये पढ़ती है ज़ैनब, चेहल्लुम मनाने कर्बोबला आई है ज़ैनब…”

  • शायर शबीह गोपालपुरी : “हो के ज़िंदा से रिहा ज़ैनब-ए-मुज़्तर ने कहा, मुझको शब्बीर के चेहल्लुम के लिए जाना है…”

  • अमीर गोपालपुरी : “हुसैन ज़िंदा होता है दस्तूर-ए-ज़िंदगी की तरह, शहीद मरता नहीं आम आदमी की तरह।”

इन कलामों को सुनकर माहौल ग़मगीन हो गया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।

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सुरक्षा व्यवस्था और गणमान्य लोगों की उपस्थिति

जुलूस के दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। पूरे मार्ग पर महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। यातायात को सुचारु रखने के लिए कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, अकीलुर रहमान, गुलाम सरवर रिजवी, आलोक कुमार दुबे, हाजी साहब अली, मोहम्मद इस्लाम, सागर कुमार, जय सिंह यादव, महबूब आलम, अशोक यादव, हसन अब्बास, सिटी एसपी निखिल राय, कोतवाली व ट्रैफिक प्रभारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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