रांची : झारखंड भाजपा की ओर से श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य पर डिबडीह स्थित कार्निवल बैंक्वेट हॉल में प्रदेश स्तरीय समरसता संकल्प अभियान के तहत भव्य कलश वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर रविदास जी की जन्मभूमि से आई पवित्र मिट्टी युक्त कलशों को सौंपकर राज्य के सभी 30 सांगठनिक जिलों के लिए सुसज्जित 30 रथों को रवाना किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ संत श्री गुरु रविदास महाराज के चित्र के समक्ष धार्मिक गुरुओं द्वारा मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष किशुन दास ने की, जबकि मंच संचालन प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने किया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने संसद सत्र में व्यस्त होने के कारण अपना लिखित संदेश भेजा और कार्यकर्ताओं से संत रविदास के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की।
समाज को जोड़ने का काम करेगी संत रविदास की वाणी : दुष्यंत गौतम
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि देश को जाति, भाषा और धर्म के नाम पर बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा उन सभी महापुरुषों का सम्मान करती है जिन्होंने देश की संस्कृति को समृद्ध बनाने में योगदान दिया है। दुष्यंत गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार संत रविदास के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल दलितों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पूरे समाज की सहभागिता है।

विकसित भारत और पुनर्जागरण का युग
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने संबोधित करते हुए कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” के मूलमंत्र वाले देश में भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि संत रविदास के बताए मार्ग पर चलकर ही देश विरोधी ताकतों के कुचक्र को असफल किया जा सकता है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने वर्तमान समय को पुनर्जागरण का युग बताते हुए कहा कि ऋषियों और संतों ने हमेशा भारत की समरसता और एकता से दुनिया को अवगत कराया है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि यह कलश यात्रा समाज में मौजूद वैचारिक विकृतियों को दूर कर सभी को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगी।
10 सितंबर को होगा रज विसर्जन, माघ पूर्णिमा को समागम
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि संत रविदास के गांव से लाई गई मिट्टी युक्त कलशों को घर-घर और मंदिर-मंदिर तक ले जाना इसका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को इस पवित्र रज का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद समरसता यात्रा के समापन पर रांची में माघ पूर्णिमा के दिन एक बड़े समागम का आयोजन होगा। इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने बनारस से पवित्र कलश लाने वाले सदस्यों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।




