रांची। झारखंड की राजधानी रांची की हिंदी लेखिका, समाजसेविका एवं साहित्यकार डॉ. मेघा रानी ने हिंदी हस्तलेखन के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने लगातार 120 मिनट तक बिना रुके हिंदी में 120 मौलिक हस्तलिखित पृष्ठ लिखकर “मोस्ट पेजेज हैंडरिटन कंटीन्यूअसली इन 120 मिनट्स इन हिंदी लैंग्वेज” का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इस उपलब्धि को बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Book of World Records) ने सभी आवश्यक साक्ष्यों के सत्यापन के बाद आधिकारिक मान्यता प्रदान की है।
बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से जारी प्रमाणपत्र के अनुसार यह रिकॉर्ड 2 जुलाई 2026 को रांची में दर्ज किया गयार। संस्था ने डॉ. मेघा रानी की असाधारण लेखन गति, निरंतरता, एकाग्रता और धैर्य की सराहना करते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र संख्या BWR/IND/2026/001048 जारी किया गया है।
विश्व रिकॉर्ड के दौरान डॉ. मेघा रानी ने झारखंड के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत पर आधारित एक मौलिक पांडुलिपि तैयार की। इस पांडुलिपि के 120 पृष्ठ पुस्तक के रूप में प्रकाशन के लिए भेजे जा चुके हैं और इसका जल्द ही विमोचन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि हिंदी भाषा और झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच पर स्थापित करने का प्रयास है।
यह विश्व रिकॉर्ड मेरी मातृभाषा हिंदी और मेरी जन्मभूमि झारखंड को समर्पित है. मेरी इच्छा है कि मेरी लेखनी युवाओं, विशेषकर बेटियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करे. -डॉ. मेघा रानी, हिंदा लेखिका सह साहित्यकार सह सामाजिक कार्यकर्ता।
डॉ. मेघा रानी पिछले सात वर्षों से नारी विमर्श, सामाजिक सरोकार और श्रीकृष्ण भक्ति जैसे विषयों पर लगातार लेखन कर रही हैं. उनकी प्रमुख पुस्तकों में ‘अस्तित्व: एक नारी का’, ‘श्रीकृष्ण लीला एवं कान्हा’, ‘धोखा : एक कर्ज’, ‘मानसिक खेल’, ‘भय की परतें’, ‘यादों का जाल’ और ‘अनदेखी सच्चाई’ शामिल हैं. उनकी पुस्तक ‘श्रीकृष्ण लीला’ को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी स्थान मिल चुका है।
साहित्य के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी वह सक्रिय हैं. वर्तमान में वह झारखंड राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद की प्रदेश अध्यक्ष, नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एनसीआईबी) रांची की जिला निदेशक, वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स कमीशन की राष्ट्रीय सदस्य तथा संस्कृति मंत्रालय से संबद्ध साहित्य सेवा परिषद की राष्ट्रीय सदस्य हैं। वर्ष 2025-26 के लिए उन्हें रत्नश्री अवॉर्ड का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने काउंसिलिंग एंड गाइडेंस में पीजी डिप्लोमा किया है। वर्ष 2026 में उन्हें यूनाइटेड किंगडम के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के केबल कॉलेज में आयोजित 16वें वर्ल्ड लीडर्स समिट के लिए चयनित किया गया। जहां उन्हें शिक्षा, साहित्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए “इंटरनेशनल एंबेसडर ऑफ हिंदी लिटरेचर एंड इंडियन कल्चरल एक्सीलेंस अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।
डॉ. मेघा रानी के नाम इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और भारत वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हैं. उन्हें वर्ष 2026 के लिए पद्मश्री सम्मान के लिए नामित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार, साहित्य सेवा रत्न पुरस्कार, भारत प्रतिभा सम्मान, भारत सेवा रत्न, झारखंड श्री अवॉर्ड, बिरसा मुंडा अवॉर्ड, इंडिया नेशनल अवॉर्ड, झारखंड आइकन अवॉर्ड, इंटरनेशनल गोल्डन लीडरशिप अवॉर्ड, एशियन एजुकेशन अवॉर्ड, मानद डॉक्टरेट सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।




