रांची नगर निगम का बड़ा कदम, तीन तालाबों के संरक्षण और अतिक्रमण हटाने के निर्देश

रांची नगर निगम ने शहर के जलाशयों के संरक्षण, पुनर्जीवन और अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है।
रांची नगर निगम

रांची : रांची नगर निगम ने शहर के जलाशयों के संरक्षण, पुनर्जीवन और अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में आज यानी शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने वार्ड संख्या-14 के चुटिया क्षेत्र स्थित गोसाई तालाब, हटिया तालाब और चम्बोथा तालाब का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान तीनों तालाबों की मौजूदा स्थिति, जलधारण क्षमता, अतिक्रमण, स्वच्छता, पर्यावरणीय महत्व और भविष्य में संरक्षण एवं जीर्णोद्धार की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया गया।

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निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने संबंधित शाखाओं के अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीनों तालाबों को योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। साथ ही प्रत्येक तालाब के लिए अलग कार्ययोजना तैयार कर उसके संरक्षण, पुनर्जीवन और मूल स्वरूप की पुनर्स्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी कार्रवाई नियमानुसार, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर जोर दिया।

गोसाई तालाब के लिए बनेगी विशेष संयुक्त टीम

चुटिया मुख्य मार्ग स्थित राम मंदिर के समीप स्थित गोसाई तालाब (एम.एस. प्लॉट संख्या-1068 एवं 1069, कुल रकबा 5 एकड़ 78 डिसमिल) का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त ने इसकी वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अपर नगर आयुक्त के नेतृत्व में विशेष संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए। इस टीम में सहायक नगर आयुक्त, नगर निवेशक शाखा, भू-संपदा शाखा और राजस्व शाखा के अधिकारी शामिल रहेंगे। टीम तालाब के चारों ओर संभावित अतिक्रमण की विस्तृत जांच करेगी, अतिक्रमित क्षेत्र का चिन्हांकन करेगी और संबंधित लोगों को विधिसम्मत नोटिस जारी करेगी।

ड्रोन मैपिंग से होगा सत्यापन, दस्तावेजों की होगी जांच

नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि अंचल कार्यालय से उपलब्ध नापी प्रतिवेदन का ड्रोन मैपिंग के माध्यम से मिलान कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए। इसके अलावा अपर नगर आयुक्त के विशेष न्यायालय (स्पेशल कोर्ट) में संबंधित भवन स्वामियों को अपनी भूमि और भवन से जुड़े सभी वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद अवैध अतिक्रमण और निर्माण को नियमानुसार हटाकर तालाब को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके बाद अभियंत्रण शाखा तालाब के संरक्षण, सौंदर्याकरण और दीर्घकालिक विकास के लिए विस्तृत योजना तैयार करेगी।

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