रांची : संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे समरसता संकल्प अभियान के तहत झारखंड में 4 अगस्त से कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। रांची के डिबडीह स्थित कार्निवल बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम के बाद राज्य के सभी 30 सांगठनिक जिलों के लिए 30 सुसज्जित रथ रवाना किए जाएंगे। यह जानकारी भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने दी। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य संत रविदास के समता, सेवा, भक्ति, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
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मंडलों और पंचायतों से होते हुए गांवों तक पहुंचेगी यात्रा
अमर कुमार बाउरी ने बताया कि सांगठनिक जिलों में पहुंचने के बाद कलश वंदन यात्रा संबंधित जिलों के मंडलों और पंचायतों से होकर गांवों के मंदिरों तक पहुंचेगी। यात्रा के माध्यम से समरसता और मानवता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचार समाज में समानता, सेवा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देते हैं। समरसता संकल्प अभियान के तहत इन्हीं मूल्यों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
वाराणसी की पवित्र मिट्टी युक्त कलश के साथ यात्रा
अमर कुमार बाउरी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन बीते 29 जुलाई को संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी (काशी) की पवित्र मिट्टी युक्त कलश के साथ इस भव्य कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ किया गया था। यह यात्रा झारखंड सहित विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर रही है। झारखंड में 4 अगस्त से इसकी औपचारिक शुरुआत के बाद 30 सुसज्जित रथों के माध्यम से इसे सभी सांगठनिक जिलों तक पहुंचाया जाएगा।
20 फरवरी 2027 को होगा अभियान का समापन
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को भव्य रूप से मनाना है। अभियान के तहत भाजपा संत रविदास के समता, सेवा, भक्ति, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से समरसता और मानवता का संदेश लेकर झारखंड के गांव-गांव तक पहुंचा जाएगा। अभियान का समापन संत रविदास की जयंती की तिथि 20 फरवरी 2027 को होगा।



