नई दिल्ली : पीएम नरेंद्र मोदी 23 और 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ दो दिवसीय ‘चिंतन बैठक’ की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में सरकार के सुधार, गवर्नेंस, नीतियों के क्रियान्वयन और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक को लेकर कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चा भी शुरू हो गई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में कैबिनेट फेरबदल की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल बैठक को सरकार के कामकाज की समीक्षा और आगे की प्राथमिकताएं तय करने के लिहाज से देखा जा रहा है।
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मंत्रियों के बनाए गए हैं समूह
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी ने मंत्रियों के आधे दर्जन से अधिक समूह बनाने का निर्देश दिया है। प्रत्येक समूह में करीब आठ मंत्री होंगे। ये समूह चिंतन बैठक से पहले आत्म-सुधार, संवाद और गवर्नेंस से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। दो दिवसीय बैठक में अलग-अलग समूहों की ओर से विषय आधारित चर्चा और प्रस्तुतियां किए जाने की संभावना है। इसके जरिए सरकार के कामकाज, मंत्रालयों के बीच तालमेल और आगे के एजेंडे पर विचार किया जा सकता है।
2021 में भी हुई थी चिंतन बैठक
पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में 21 अक्टूबर 2021 को भी इसी तरह की चिंतन बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में गवर्नेंस और नीति निर्माण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी और मंत्रियों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दी थीं। इस बार भी इसी तरह का फॉर्मेट अपनाए जाने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, हाल में मंत्रालयों से 2021 की चिंतन बैठक में दिए गए सुझावों पर हुई कार्रवाई का विवरण मांगा गया था।
मंत्रालयों के कामकाज की होगी समीक्षा
2021 की बैठक के बाद मंत्रालयों को लाइव डैशबोर्ड बनाए रखने, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और कर्मचारियों से फीडबैक लेने जैसे निर्देश दिए गए थे। इस बार भी सरकार के कामकाज और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकती है। हाल ही में पीएम ने मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने पर भी जोर दिया था। ऐसे में बैठक में डिजिटल सेवाओं और आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना है।
कैबिनेट फेरबदल पर अटकलें
चिंतन बैठक के समय और सरकार के कार्यकाल के मौजूदा चरण को देखते हुए कैबिनेट फेरबदल को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे या उपलब्ध रिपोर्टों में फेरबदल की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।




