नई दिल्ली : संसद के मॉनसून सत्र के दौरान शुक्रवार को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में हंगामे के बीच प्रिवेंशन ऑफ इनसल्ट टू नेशनल ऑनर (संशोधन) विधेयक पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मौजूदा कानून में संशोधन करना है। प्रस्तावित बदलावों के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कानूनी प्रावधानों को और स्पष्ट एवं मजबूत बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
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विधेयक पेश होने के बाद अब इसे संसद में चर्चा और मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। केंद्र सरकार का कहना है कि समय की जरूरतों को देखते हुए राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
वंदे मातरम के अपमान पर सजा का प्रस्ताव
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का अपमान करता है या उसके गायन में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संबंधित कानूनी प्रावधानों को और स्पष्ट करने का प्रस्ताव किया गया है।
किन मामलों में हो सकती है कार्रवाई?
मौजूदा कानून के अनुसार राष्ट्रीय गान के दौरान सम्मान प्रकट करने के लिए लोगों को खड़ा होना होता है। इसके अलावा राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय गीत के गायन के दौरान अपमानजनक व्यवहार करने या जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने पर कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर कहा था कि यदि किसी सरकारी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों का गायन हो, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद जन गण मन का गायन किया जाए। मंत्रालय ने इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।




