रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत रविवार को सोनाहातू प्रखंड की हारीन पंचायत के हारीन गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जन-उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत की भूमिका और विभिन्न कानूनी योजनाओं की जानकारी दी गई।
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यह कार्यक्रम माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना तथा न्यायायुक्त रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस दौरान डालसा सचिव राकेश रौशन भी मौजूद रहे।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कानूनी सहायता योजना की जानकारी
कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्ह ने उपस्थित लोगों को सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं (विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से) योजना, 2024 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिजनों को त्वरित न्याय, निःशुल्क कानूनी सहायता और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। कार्यक्रम में पीएलवी कपिलदेव प्रसाद केशरी, रामेश्वर चौधरी, रूपनारायण सिंह मुंडा, भोलानाथ महतो, आरती कुमारी, आशिक राज महतो सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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स्थायी लोक अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत पर दिया गया जोर
डालसा के पीएलवी ने लोगों को स्थायी लोक अदालत के उद्देश्य, उसकी विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी, परिवहन जैसी जन-उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अदालत जाने से पहले संबंधित व्यक्ति सीधे स्थायी लोक अदालत में आवेदन कर सकते हैं। यहां किसी प्रकार का न्याय शुल्क नहीं लिया जाता और सादे कागज पर भी आवेदन स्वीकार किया जाता है। पीएलवी रामचंद्र केशरी ने आगामी 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की भी जानकारी देते हुए लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की।
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