रांची : रांची दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में आगामी 19 अगस्त को जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक (निर्वाण) दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। श्रावण शुक्ल सप्तमी तिथि को 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण गिरिडीह जिले में स्थित सम्मेद शिखर जी (पारसनाथ पर्वत) पर हुआ था। यह भव्य धार्मिक आयोजन परम पूज्य आचार्य श्री 108 ज्ञेयसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 नियोगसागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में संपन्न होगा।
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कृत्रिम सम्मेद शिखर जी पर्वत होगा मुख्य आकर्षण
इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रांची में निर्मित किया जा रहा ‘कृत्रिम सम्मेद शिखर जी पर्वत’ होगा। श्रद्धालुओं को रांची में ही शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर जी के दर्शन का पुण्य लाभ मिल सके, इस उद्देश्य से इस विशेष पर्वत श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। 19 अगस्त की सुबह श्रद्धालु इसी कृत्रिम पर्वत की टोंकों पर श्रद्धापूर्वक महाअर्घ और निर्वाण लाडू अर्पित करेंगे।
कार्यक्रम की समय-सारणी
प्रातः 6:00 बजे : देव आज्ञा, गुरु आज्ञा एवं मंगलाचरण
प्रातः 6:30 बजे : भगवान पार्श्वनाथ का भव्य मस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा
प्रातः 7:15 बजे : संगीतमय मोक्ष कल्याणक पूजा एवं कृत्रिम शिखर जी पर्वत की टोंकों पर महाअर्घ
प्रातः 8:15 बजे : निर्वाण लाडू समर्पण
प्रातः 8:30 बजे : पूज्य आचार्य श्री का मंगल प्रवचन
रांची जैन समाज के मंत्री जितेंद्र छाबड़ा ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पूरे मंदिर परिसर और आयोजन स्थल को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। समाज के अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन प्रसंग में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने बताया कि आचार्य संघ के सानिध्य में होने वाले इस कार्यक्रम में रांची और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।








