हजारीबाग : झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी विवाद के बीच गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हजारीबाग स्थित सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रांची में परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी का समर्थन है। उन्होंने JPSC और JSSC में कार्यरत सभी अधिकारियों और पदाधिकारियों को पद से हटाने के साथ उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग भी उठाई।
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अधिकारियों पर FIR और CBI जांच की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अभय तिवारी नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद कई बातें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, यह जानकारी सामने आई है कि अभय तिवारी ने अपने परिवार के सदस्यों को झारखंड में हाल में हुई कुछ परीक्षाओं के माध्यम से नौकरियां दिलवाई हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह साबित होता है कि इन परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए मामले की CID जांच करा रही है।
CID जांच के नाम पर खानापूर्ति का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछली कुछ परीक्षाओं में सेटिंग का खेल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस खेल में शामिल लोगों को भारत के कई शहरों, जिनमें पटना, कोलकाता और झारखंड का रांची शामिल है, ले जाया गया। इसके अलावा उन्हें देश के बाहर नेपाल तक ले जाकर सवालों के जवाब याद करवाए गए। उन्होंने कहा कि जो छात्र वास्तव में मेहनत कर रहे हैं, उनके भविष्य के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है। उनके अनुसार, हेमंत सरकार CID जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है।
JPSC-JSSC पर गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड में JPSC और JSSC दो महत्वपूर्ण एजेंसियां हैं, जिनके पास बड़ी जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों एजेंसियां नौकरी बेचने का काम कर रही हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर राज्य भर के छात्र आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।




