झामुमो, कांग्रेस का एमएमडीआर पर आंदोलन केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश

रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एएममडीआर अधिनियम को लेकर झामुमो और कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है। विपक्षी पार्टियां इस कानून की गलत व्याख्या कर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी

एमएमडीआर

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रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एएममडीआर अधिनियम को लेकर झामुमो और कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है। विपक्षी पार्टियां इस कानून की गलत व्याख्या कर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य में इस कानून को लेकर कहीं कोई विरोध नहीं है। यहां तक कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी इस पर आपत्ति नहीं है। लेकिन दुर्भाग्य है कि झारखंड में इसका विरोध किया जा रहा है।
झारखंड सरकार को राज्य के कोष से कोई मतलब नहीं है। इन दलों को सिर्फ अपनी तिजोरी भरने से मतलब है। झारखंड में इन दलों की काली कमाई बंद हो रही है, सेस के नाम पर मची लूट खसोट पर रोकथाम लग रही है, मोदी सरकार द्वारा इनकी दुकानदारी बंद हो रही है इसलिए विपक्षी पार्टियां छटपटा रही है। जिन पार्टियों की नींव में ही खरीद फरोख्त हो, उस दल से राज्य की बेहतरी की उम्मीद करना ही बेमानी है। श्री साहू हजारीबाग में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।
श्री साहू ने कहा कि झारखंड में कोयले पर 450 रुपए और आयरन ओर पर 600 रुपए सेस लगाया गया है।  पड़ोसी राज्यों में यह नहीं के बराबर है  छत्तीसगढ़ में 22 रुपए प्रति टन सेस है। स्वाभाविक है, अब जहां कोयला सस्ते दर पर उपलब्ध होगा, कारोबारी वहीं से खरीददारी करेंगे। झारखंड के उद्योगपति भी पड़ोसी राज्यों से कोयला खरीद रहे हैं। इससे यहां के राजस्व की हानि हो रही है।
उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार का कहना है कि दूसरे राज्यों से जो सस्ते दर पर कोयला आ रहा है उस पर भी सरकार सेस लगाएगी। चोरी की कोयले की बिक्री बंद होने और अपनी काली कमाई बंद होने के कारण राज्य सरकार इस प्रकार का निर्णय लेना चाह रही है। झारखंड सरकार की इस सोच से समझा जा सकता है इस सरकार की मंशा क्या है।
उन्होंने कहा कि झारखंड़ सरकार की नीति है कमाओ, खाओ और दलालों के बीच बांटो। झामुमो और कांग्रेस जिस अंदाज में जनता के बीच भ्रम फैलाने का अभियान चला रहे हैं, भाजपा उसी अंदाज में तथ्यों के साथ जनता के बीच पहुंचेगी। भाजपा के कार्यकर्ता तथ्यों के आधार पर जनता के बीच एमएमडीआर के प्रावधानों और उसके प्रभाव को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाएंगे तथा विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का तथ्यात्मक एवं करारा जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के गठन काल से ही राज्य में कोयला सहित खनिज संपदाओं की लूट खसोट का धंधा चरम पर रहा है। इस धंधे को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हेमंत सरकार ने सुनियोजित तरीके से अत्यधिक सेस का खेल खेला। लेकिन एमएमडीआर कानून लागू होने के बाद से झारखंड़ सरकार का यह खेल पूरी तरह बिगड़ गया है।
अब झामुमो एवं कोयला चोरों का कोयला चोरी का खेल बन्द हो रहा है , इसलिए इनके पेट में दर्द हो रहा है। कोयले की काली कमाई से इनका तिजोरी भर रहा था। झारखंड में प्रतिदिन हजारों ट्रक कोयले की अवैध खनन होता था और चोरी छिपे बेची जाती थी, इसका पैसा उपर तक पहुंचता था, जो अब बन्द होगा। सरकार को टैक्स नहीं मिलता था, राज्य के खजाने खाली हो रहे थे लेकिन यह पैसा अब सीधे सरकारी खजाने में जायेगा।
श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार के संरक्षण में पुलिस की मिलीभगत से झारखंड में कोयले का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। बीते दिनों उनकी कोयला मंत्री से मुलाकात हुई थी तब उन्होंने कहा था कि बीसीसीएल और सीसीएल को केंद्र सरकार पैसा नहीं दे तो कर्मचारियों के वेतन के लाले पड़ जाएंगे।
श्री साहू ने कहा कि धनबाद में सीआईएसएफ तैनात है। गृह मंत्री अमित शाह से हमने चतरा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका इलाके में भी सीआईएसएफ तैनात करने की मांग की थी। आम्रपाली क्षेत्र में 200 सीआईएसफ को तैनात किया गया है। धीरे-धीरे पूरे राज्य में इसकी तैनाती की जाएगी। अवैध कोयले की लूट पर लगाम लगने का भरोसा का असर यह हुआ है कि DO धारकों की संख्या बीते एक महीने में 75 फ़ीसदी बढ़ गई है।
श्री साहू ने कहा कि झारखंड में 6 वर्षों में मात्र चार खदानों की नीलामी की गई है जबकि 34 खदानों को नीलाम करना था। इससे राजस्व की हानि हो रही है। ओडिशा को 87000 करोड़  का लाभ हुआ है। झारखंड में भी यदि सभी खदानें चालू होती तो इसका फायदा निश्चित रूप से राज्य को भी मिलता परंतु सरकार को तो अवैध कोयला बेचने से मतलब है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में डीएमएफटी फंड की बंदरबांट हुई है। इस फंड से अधिकारी स्विमिंग पूल और जिम बनवा रहे हैं। झारखंड में 19000 को डीएफएफटी फंड में जमा हुए हैं। केवल पश्चिमी सिंहभूम में 3700 करोड़ जमा हुए। इन पैसों का अगर राज्य सरकार विकास कार्यों में सदुपयोग की होती तो राज्य का आज कायाकल्प हो जाता। उन्होंने कहा कि अवैध खदानों में आज आए दिन लोगों के मरने की खबरें आती रहती हैं।
श्री साहू ने कहा कि इस सरकार ने दो बार गुमराह करके राज्य की जनता को ठगकर सरकार में आई है। एमएमडीआर पर भी यह सरकार गुमराह कर रही है लेकिन भारतीय जनता पार्टी इस सरकार के नापाक मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी और हमारी पार्टी प्रदेश से लेकर राज्य के हर गांव तक इनके झूठ को बेनकाब करेगी। जरूरत पड़ी तो हमारी पार्टी भी नाकेबंदी करेगी।
प्रेसवार्ता में बरही के विधायक मनोज यादव, हज़ारीबाग़ के विधायक प्रदीप प्रसाद, बरकट्ठा के विधायक अमित यादव, प्रदेश मंत्री अमरदीप यादव एवम जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह उपस्थित रहे।
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