रांची : झारखंड में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हेमंत सरकार एक साथ कई नई नीतियां लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत टेक्सटाइल, निवेश प्रोत्साहन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। ‘झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर पॉलिसी 2026’ और ‘झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026’ के ड्राफ्ट जारी होने के बाद उद्योग जगत इनका अध्ययन कर रहा है।
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झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इन ड्राफ्ट नीतियों का स्वागत किया है। चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्य में करीब एक दशक बाद नई औद्योगिक नीति लाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य इन नीतियों के माध्यम से ₹1 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 25 हजार नए रोजगार के अवसर सृजित करना है।
एमएसएमई, टेक्सटाइल और निवेश पर विशेष फोकस
आदित्य मल्होत्रा के अनुसार, नई नीति की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न प्रकार की सब्सिडी और रियायतों का प्रावधान है। इस नीति का उद्देश्य झारखंड को देश और विदेश में निवेश, व्यापार और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाना है। ड्राफ्ट नीति में लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव है। एमएसएमई इकाइयों के लिए 15 करोड़ से 30 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), महिला और दिव्यांग उद्यमियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी देने का प्रस्ताव भी शामिल है। नीति में सेक्टर आधारित औद्योगिक विकास की रणनीति अपनाई गई है। रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, देवघर, संताल परगना, पलामू, गढ़वा, लोहरदगा और लातेहार समेत विभिन्न क्षेत्रों के औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही ग्रीन टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, एफडीआई, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।
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दिल्ली में रखे जाएंगे सुझाव
झारखंड सरकार की इन ड्राफ्ट नीतियों पर 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले नेशनल स्टेकहोल्डर्स समिट में सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स भी नीतियों का विस्तृत अध्ययन कर रहा है और 9 जुलाई को सरकार को अपने लिखित सुझाव सौंपेगा। आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि 9 जुलाई को पॉलिसी कंसलटेंसी की बैठक प्रस्तावित है, ताकि विभिन्न पक्षों के सुझावों को शामिल कर नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सके। उनका कहना है कि यह नीति राज्य के युवाओं के लिए भी रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर सकती है।
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उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल पॉलिसी को लेकर उद्योग जगत का रुख सकारात्मक है, हालांकि सब्सिडी से जुड़े कुछ प्रावधानों पर संशय है। चैंबर इन बिंदुओं पर सरकार के समक्ष अपनी राय रखेगा। इसके अलावा सरकार द्वारा तैयार लेदर एंड फुटवियर पॉलिसी के ड्राफ्ट का भी अध्ययन किया जा रहा है।




