रांची : रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और झारखंड प्रगतिशील मजदूर यूनियन ने संयुक्त रूप से ट्रैफ़िक एसपी रांची को ज्ञापन सौंपकर लघु मालवाहनों के परिचालन समय में बदलाव की मांग की है। संगठनों ने शाम 5 बजे से रात 7 बजे तक लागू परिचालन प्रतिबंध को समाप्त करने का अनुरोध किया है।
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ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत लघु मालवाहनों के परिचालन पर सुबह 9 बजे से 11 बजे और शाम 5 बजे से रात 7 बजे तक रोक रहती है। हालांकि, व्यवहारिक रूप से यह अवधि औसतन 5 से 6 घंटे तक पहुंच जाती है, जिससे वाहन चालकों और स्वामियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आर्थिक नुकसान और रोजगार पर असर
संगठनों का कहना है कि दिन के आठ घंटे के कार्यकाल में यदि 5 से 6 घंटे परिचालन पर रोक रहे तो यह व्यवस्था न तो व्यवहारिक है और न ही व्यवसाय के हित में। इसके कारण लघु मालवाहन चालक और वाहन स्वामी अपने परिवार का भरण-पोषण करने और वाहनों की ऋण किस्त समय पर जमा करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
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ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि शाम के समय अधिकांश कार्यालय, गोदाम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद होने लगते हैं। ऐसे में यदि कोई वाहन चालक शाम 4 बजे सामान लेकर गंतव्य तक पहुंचता है, तो अक्सर संबंधित प्रतिष्ठान बंद मिलते हैं। इससे चालक को अगले दिन सुबह 11 बजे तक नए काम का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उसकी आय प्रभावित होती है।
परिवहन लागत बढ़ने का भी दावा
संगठनों ने कहा कि इस व्यवस्था का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि मजदूरों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। उनका दावा है कि देर रात तक काम करने की मजबूरी से श्रमिकों और वाहन चालकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि रांची में परिवहन लागत बढ़ने के कारण कई बड़ी कंपनियां अपने डिपो राज्य के बाहर स्थापित कर रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
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रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और झारखंड प्रगतिशील मजदूर यूनियन ने अपने ज्ञापन में कहा है कि लघु मालवाहन सड़क पर रुककर व्यावसायिक गतिविधियां नहीं करते, बल्कि केवल सामान को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाते हैं। ऐसे में शाम 5 बजे से रात 7 बजे तक की प्रवेश निषेध अवधि समाप्त करने से व्यापार और परिवहन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।




