नई दिल्ली : गर्मियों की विदाई के साथ ही देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं नमी और तापमान में बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी-मोटी मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए हमेशा दवाओं पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती। रसोई में मौजूद कई प्राकृतिक खाद्य पदार्थ इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं। खास बात यह है कि इनका नियमित और संतुलित सेवन शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और सामान्य तौर पर इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं माना जाता।
हल्दी और अदरक से मिल सकती है प्राकृतिक सुरक्षा
हल्दी को लंबे समय से प्राकृतिक औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व में सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हल्दी का सेवन काली मिर्च के साथ करने पर करक्यूमिन का अवशोषण बेहतर होता है, जिससे इसका प्रभाव और बढ़ सकता है। रोजमर्रा की दिनचर्या में हल्दी को शामिल करने के लिए गर्म दूध में हल्दी मिलाकर ‘गोल्डन मिल्क’ तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा, गर्म पानी में हल्दी, थोड़ा घी और काली मिर्च मिलाकर पारंपरिक हर्बल ड्रिंक के रूप में भी इसका सेवन किया जा सकता है।
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इसी तरह अदरक भी मानसून के मौसम में उपयोगी प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में शामिल है। अदरक में जिंजरोल नामक बायोएक्टिव कंपाउंड पाया जाता है, जिसमें एंटीवायरल और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। यह सर्दी-जुकाम और पाचन संबंधी परेशानियों से लड़ने में मददगार माना जाता है। मौसम बदलने के दौरान अदरक-ग्रीन टी, इमली और अदरक से तैयार दक्षिण भारतीय रसम या फिर गर्म पानी में कद्दूकस किया हुआ अदरक, शहद और नींबू का रस मिलाकर तैयार पेय का सेवन किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पेय मानसून के दौरान होने वाले श्वसन संक्रमण से राहत देने में सहायक हो सकता है।
आंवला भी इम्यूनिटी बढ़ाने का अच्छा विकल्प
आंवला पोषक तत्वों से भरपूर फल माना जाता है। न्यूट्रिशन से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इसमें संतरे की तुलना में प्रति 100 ग्राम लगभग 20 गुना अधिक विटामिन C पाया जाता है। विटामिन C शरीर में कोलेजन बनने और इम्यून सेल्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आंवले को कई तरीकों से अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसे मुरब्बे के रूप में खाया जा सकता है या फिर स्मूदी में आंवला पाउडर मिलाकर सेवन किया जा सकता है। आंवला खरीदते समय ऐसे फल चुनने की सलाह दी जाती है जो सख्त, हरे-पीले रंग के हों और जिन पर किसी तरह के दाग-धब्बे न हों। अधिक नरम या खराब रंग वाले आंवले अपेक्षाकृत कम पौष्टिक माने जाते हैं।
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इन बातों का भी रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के दौरान नमी के कारण कई लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है। रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने से शरीर में साइटोकाइन का उत्पादन संतुलित रहता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा, गर्दन से कॉलरबोन तक करीब पांच मिनट की लिम्फैटिक मसाज शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने और व्हाइट ब्लड सेल्स के सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। इस तकनीक का उपयोग आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सा, दोनों में किया जाता है।
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विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि गर्म और हल्के नमकीन पानी में कुछ देर तक पैर डुबोकर रखने से रक्त संचार बेहतर हो सकता है और मानसून के दौरान महसूस होने वाली थकान कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यदि बुखार, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।




