सिल्ली: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा सिल्ली विधानसभा स्तरीय बैठक का आयोजन बंता पंचायत भवन में आयोजित किया गया. बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों के बाल- बच्चों के रोजी रोजगार एवं नौकरियों में सौ प्रतिशत संवैधानिक आधिकारों की गारंटी, जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी को सम्मान पेंशन राशि 50-50 हजार रु सरकार से देने की मांग की गई।
बैठक में उपस्थित मुख्य अतिथि आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि पूरा झारखंड के तमाम नौकरियों के रिक्तियों में सौ प्रतिशत हमारा संवैधानिक अधिकार है। इस संवैधानिक अधिकार से हमें कोई वंचित नहीं कर सकता है. हेमंत सरकार संवैधानिक मूल्य एवं मर्यादाओं का पालन करें। हम झारखंड आंदोलनकारी अपने बाल बच्चों के अधिकारों व अपने मान सम्मान पेंशन एवं स्वाभिमान की रक्षा के लिए अबुआ दिशुम – अबुआ राइज में 15 नवंबर 2026 को स्थापना दिवस के अवसर पर बिरसा मुंडा चौक रांची में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन धरना प्रदर्शन का आगाज करेंगे।
झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में पंच परगना की भूमिका अहम रही है
केंद्रीय सचिव प्रो. रतनलाल महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में पंच परगना की भूमिका अहम रही है और अब अधिकारों की रक्षा के संघर्ष में ऐतिहासिक होगा.अबुआ सरकार अबुआ अधिकार दो,अबुआ दो। आंदोलनकारी लक्ष्मी नारायण महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी अपने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं करेंगे इस बार आर पार की लड़ाई होगी उलगुलान का संघर्ष 15 नवंबर से तेज होगा.
बैठक में ये रहे शामिल
रामपद महतो राज किशोर महतो ,डॉ भावेश हजारी,भोपाल सोनार, डॉ. श्रीपाद महतो दिनेश महतो विशेश्वर महतो, मनोरंजन महतो, काबिल अंसारी ,उपेंद्र महतो हरेंद्र महतो, डॉ दिनेश महतो, देवेंद्र महतो, सुभाष महतो, संजय मांझी ,दीपक महतो, डॉ मुंडू,कार्तिक महतो ,इदरीस अंसारी, संतोष महतो, छूटन प्रजापति , सूची महतो मोहन महतो जय गोपाल मंडा, विश्वनाथ महतो , हरि महतो, अभिमन्यु महतो सहित अन्य प्रमुख आंदोलनकारी थे।



