अररिया : बिहार के अररिया जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मंडल को पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शनिवार की सुबह उनके शिवपुरी स्थित किराए के मकान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी ने घूस की राशि लेकर जैसे ही अलमारी में रखी, निगरानी की धावा दल टीम ने दबिश देकर नकद रकम बरामद कर ली।
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17 लाख की मशीन सप्लाई पर मांगा था 5% कमीशन
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने बताया कि बनगामा निवासी मशीन सप्लायर कमरे आलम ने लगभग 17 लाख रुपये की मशीनरी सप्लाई की थी। इसके भुगतान के एवज में GM अनिल कुमार मंडल द्वारा 5 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 85 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता कमरे आलम रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसकी लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में दर्ज कराई।
सत्यापन के बाद दर्ज हुआ भ्रष्टाचार का केस
निगरानी टीम द्वारा शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद 7 अगस्त 2026 को निगरानी थाना में कांड संख्या 95/26 दर्ज किया गया। यह मामला भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम की धारा 7(ए) और 7(बी) के तहत दर्ज कर एक विशेष धावा दल का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित सप्लायर को 50 हजार रुपये की पहली किस्त लेकर अधिकारी के आवास पर भेजा गया था।
डेढ़ महीने पहले ही हुई थी दोबारा पोस्टिंग
गिरफ्तार GM को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निगरानी की टीम अपने साथ पटना ले गई है। गौरतलब है कि अनिल कुमार मंडल इससे पहले 2018 से 2022 तक अररिया में ही GM पद पर तैनात थे। करीब डेढ़ महीने पहले ही 26 जून को उनका दोबारा तबादला होकर अररिया आगमन हुआ था, जिसके बाद वे इस घूसकांड में पकड़े गए।



