प्रयागराज/झांसी : माफिया अतीक अहमद के बेटे अली और उमर को 4 साल में पहली बार जेल से पैरोल मिली है। दोनों को उनके छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया जा रहा है। शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे अली को झांसी जेल से 30 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में प्रयागराज के लिए रवाना किया गया, वहीं उमर को दोपहर 12:30 बजे लखनऊ जेल से बाहर निकाला गया। मीडिया से चेहरा छिपाने के लिए पुलिस ने दोनों की जेल वैन पर पर्दे लगा रखे हैं और एस्कॉर्ट गाड़ियां साथ चल रही हैं।
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हाईकोर्ट ने दी 4 कड़े शर्तों के साथ इजाजत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दोनों भाइयों को भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सशर्त पैरोल दी है। अदालत ने चार मुख्य शर्तें रखी हैं:
पहला : वे मीडिया से कोई बातचीत नहीं करेंगे।
दूसरा : सोशल मीडिया पर कोई गतिविधि या पोस्ट नहीं होगी।
तीसरा : किसी सार्वजनिक सभा या भीड़ को संबोधित नहीं करेंगे।
चौथा : जनाजे के अलावा किसी अन्य कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे।
पिता अतीक के बगल में दफनाया जाएगा अबान
दोनों भाइयों को सीधे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। यहां वे अपने दूसरे भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से पुलिस की मौजूदगी में केवल एक घंटे मुलाकात कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा। रात लगभग 8 बजे तक अबान को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की संभावना है। अबान का शव पिता अतीक अहमद की कब्र के बगल में ही दफनाया जाएगा, जहां उसके दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की कब्रें भी मौजूद हैं।
जेल में बंद भाई से मिलने जाते समय हुआ था हादसा
मालूम हो कि गुरुवार सुबह अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान की झांसी के पास एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने क्रेटा कार से जा रहा था। हाईवे पर अचानक सामने आए जानवर को बचाने के चक्कर में कार डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दोस्त घायल हो गए थे।



