चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क किनारे एक युवती बेसुध अवस्था में मिली। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को थाने ले गई। युवती ने पूछताछ में दावा किया कि उसे चाईबासा से तीन-चार लोग जबरन कार में बैठाकर ले गए थे और बाद में रांची-चाईबासा मुख्य मार्ग (एनएच-75) पर लोहरदा पंचायत के एस मोड़ के पास छोड़ दिया गया। मामले में दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि युवती के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
Read More : हाटगम्हरिया में बारिश से कच्ची दीवार ढही, चाचा-भतीजे की मौत
ग्रामीणों ने सड़क किनारे देखा
शुक्रवार सुबह कुछ ग्रामीण शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे पड़ी युवती पर गई। हालत देखकर ग्रामीणों ने आसपास की महिलाओं को जानकारी दी। महिलाएं मौके पर पहुंचीं और युवती को कंबल से ढककर उसकी मदद की। बताया गया कि युवती उस समय ठीक से चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थी। सूचना मिलने के बाद चाईबासा मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने साथ थाने ले गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवती ने बताया कि उसे चाईबासा से तीन-चार लोग जबरन कार में बैठाकर ले गए थे। इसके बाद उसे सड़क किनारे छोड़ दिया गया। लोहरदा पंचायत की सहिया लक्ष्मी जामुदा ने बताया कि युवती जब मिली, तब उसकी स्थिति काफी खराब थी। युवती के बयान के आधार पर उसके नशीला पदार्थ दिए जाने और उसके साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई गई है। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने मेडिकल जांच कराई
मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि युवती मंझारी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उन्होंने कहा कि युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज भी चल रहा है। परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, युवती से पूछताछ की गई, लेकिन वह घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है। पुलिस ने उसकी मेडिकल जांच भी कराई है। पुलिस युवती के बयान और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवती के साथ वास्तव में क्या हुआ था।








