भारत : भारतीय महिला टीम 21 अगस्त को दूसरे चरण के अभियान की शुरुआत करेगी। एम्स्टेलवीन के वागेनर स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में भारत का सामना नीदरलैंड्स से होगा। भारत ने पहले चरण में चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ, दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया और इंग्लैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला था। इन नतीजों के बाद भारतीय टीम दूसरे चरण में पहुंची है। अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को दूसरे चरण के हर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। पूल की शीर्ष टीमों में शामिल होना भारतीय महिला टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
ऑस्ट्रेलिया से भी होगी कड़ी टक्कर
नीदरलैंड्स के बाद भारतीय महिला टीम 23 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। लगातार मजबूत टीमों के खिलाफ होने वाले ये मुकाबले भारतीय टीम की असली परीक्षा होंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 की जीत ने भारत की आक्रामक क्षमता दिखाई, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ में डिफेंस ने मजबूती का प्रदर्शन किया। अब इसी संतुलन को नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बनाए रखना टीम के लिए अहम होगा।
पुरुष टीम भी नीदरलैंड्स के सामने
भारतीय पुरुष टीम 22 अगस्त को दूसरे चरण का पहला मुकाबला खेलेगी, जिसमें उसका सामना नीदरलैंड्स से होगा। इसके बाद भारत 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ मैदान पर उतरेगा। पुरुष टीम ने पूल चरण में वेल्स को 3-1 से हराया, इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार मिली और फिर पाकिस्तान को 2-0 से हराकर दूसरे चरण में जगह बनाई।
पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा है, लेकिन अब उसके सामने टूर्नामेंट की मजबूत टीमों में शामिल नीदरलैंड्स की चुनौती होगी।
ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स से मुकाबला
नीदरलैंड्स की पुरुष और महिला दोनों टीमें पेरिस ओलंपिक 2024 की चैंपियन हैं। ऐसे में भारतीय टीमों के लिए उनके खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा। दोनों भारतीय टीमें डच टीमों के खिलाफ अपनी रणनीति, आक्रमण और मानसिक मजबूती की परीक्षा देंगी। खासकर मैच के महत्वपूर्ण क्षणों में छोटी सी गलती भी मुकाबले का रुख बदल सकती है।
सेमीफाइनल की राह में हर मुकाबला अहम
विश्व कप के नए प्रारूप में दूसरे चरण के मुकाबलों का महत्व काफी बढ़ गया है। भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए नीदरलैंड्स के खिलाफ मजबूत शुरुआत सेमीफाइनल की दौड़ में अहम साबित हो सकती है।
भारतीय टीमों को अब आक्रमण के साथ डिफेंस में भी अनुशासन बनाए रखना होगा। नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बेहतर रणनीति, संयम और मौके का सही इस्तेमाल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।








