बोकारो: चास के रामनगर कॉलोनी स्थित एनएससी कोचिंग सेंटर संस्थान में 33वें स्थापना दिवस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान संस्थान के सर अनंत कुमार सिन्हा और निदेशक नूतन श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी 23 अगस्त को एनएससी का स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। संस्थान की स्थापना 23 अगस्त 1993 को रामनगर कॉलोनी, चास में हुई थी। पिछले 33 वर्षों से एनएससी की ओर से बैंक, रेलवे, कर्मचारी चयन आयोग सहित विभिन्न सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। संस्थान के अनुसार, यहां से शिक्षा प्राप्त कर अब तक देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में 15 हजार से अधिक विद्यार्थी कार्यरत हैं। बोकारो जिले में भी एनएससी से पढ़े सैकड़ों विद्यार्थी अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
सुबह 5:30 से रात 8:30 बजे तक कक्षाएं
संस्थान की ओर से विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे वर्ष सुबह 5:30 बजे से रात 8:30 बजे तक विशेष कक्षाएं संचालित की जाती हैं। जरूरतमंद, मेधावी और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा और अन्य विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। एनएससी की ओर से शिक्षा के साथ सामाजिक कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए एनएससी वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना की गई है। संस्था की ओर से समय-समय पर स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, प्लास्टिक के उपयोग पर रोक, जल संरक्षण और रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण भी किया जाता है। संस्थान की ओर से ‘एनएससी विजन’ नामक मासिक पत्रिका का ऑनलाइन प्रकाशन किया जाता है। विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन पढ़ाई के साथ परीक्षा की सुविधा एनएससी ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। पूरे संस्थान में वाई-फाई की सुविधा भी दी गई है।
पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
प्लस टू उत्तीर्ण तथा स्नातक प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को स्नातक की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।संस्था की ओर से ‘एनएससी सुकून’ बुजुर्ग मनोरंजन केंद्र की शुरुआत 1 मई 2023 को की गई थी। यहां प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक बुजुर्गों के लिए मनोरंजन और सेवा की व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा बुजुर्गों और बच्चों के लिए प्रतिदिन सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक योगाभ्यास कराया जाता है। समय-समय पर योग शिविर भी आयोजित किए जाते हैं।एनएससी की ओर से आशालता विकलांग केंद्र, मानव सेवा आश्रम, निर्मल ग्राम (भिखारी बस्ती) सहित अति निर्धन और दिव्यांग बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क सहयोग दिया जाता है।
सर अनंत कुमार सिन्हा को मिल चुके हैं कई सम्मान
संस्थान के सर अनंत कुमार सिन्हा को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें वर्ष 2024 में शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में ‘झारखंड रत्न’, वर्ष 2025 में शिक्षा के क्षेत्र में ‘चित्रांश शिरोमणि’, बुजुर्गों की सेवा के लिए ‘श्रेष्ठ पुत्र रत्न सम्मान’ और ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। एनएससी के 33वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर संस्थान की ओर से 100 से अधिक जरूरतमंद बच्चों के बीच किताबें और विद्यालयी यूनिफॉर्म वितरित की जाएंगी। संस्थान प्रबंधन ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर देना और समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की सेवा करना एनएससी की प्राथमिकताओं में शामिल है।








