रांची। रेलवे ट्रैक पर किसी व्यक्ति के रनओवर होने के बाद शव हटाने में होने वाली देरी अब यात्रियों के सफर पर भारी नहीं पड़ेगी। रांची रेल मंडल में कई मामलों में शव तीन से चार घंटे या उससे अधिक समय तक ट्रैक पर पड़े रहने से यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन प्रभावित हो रहा था। ट्रेनें जहां-तहां रोकनी पड़ रही थीं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए रेलवे ने ट्रैक पर या उसके आसपास शव मिलने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए संयुक्त प्रक्रिया आदेश जारी किया है। इसके तहत जीआरपी या स्थानीय पुलिस के मौके पर पहुंचने में देरी होने पर आरपीएफ की मौजूदगी में रेलकर्मी शव को ट्रैक से सुरक्षित किनारे कर सकेंगे, ताकि रेल परिचालन जल्द बहाल किया जा सके।
सूचना मिलते ही शुरू होगी कार्रवाई
घटना स्टेशन सीमा में होने पर लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन गार्ड, गैंगमैन या किसी अन्य रेलकर्मी को तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचना देनी होगी।
स्टेशन मास्टर आपरेटिंग कंट्रोल, आरपीएफ और संबंधित जीआरपी या स्थानीय पुलिस को जानकारी देगा। इसके बाद आरपीएफ पोस्ट का प्रभारी अधिकारी और कर्मचारी बिना विलंब मौके पर पहुंचेंगे और जीआरपी/पुलिस के साथ समन्वय करेंगे।
पुलिस के आने में देर तो ट्रैक होगा खाली
मौके पर पहुंचने के बाद जीआरपी/पुलिस के आने के लिए कुछ समय प्रतीक्षा की जाएगी। लेकिन यदि उनके पहुंचने में विलंब होता है और शव के कारण ट्रेनों का परिचालन बाधित है, तो सहायक लोको पायलट, ट्रेन गार्ड, गैंगमैन या मौके पर मौजूद अन्य रेलकर्मी आरपीएफ की मौजूदगी में शव को ट्रैक के किनारे कर सकेंगे। शव को केवल उतना ही हटाया जाएगा, जितना ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए आवश्यक हो।
 ब्लॉक सेक्शन में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन गार्ड या गैंगमैन को ट्रैक पर शव दिखने पर तत्काल संबंधित स्टेशन मास्टर को सूचना देनी होगी। स्टेशन मास्टर आपरेटिंग कंट्रोल, आरपीएफ और संबंधित जीआरपी/स्थानीय पुलिस को जानकारी देगा।