गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का पलामू में अंतिम संस्कार, पैरोल पर पहुंची पत्नी

पलामू : झारखंड के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का बुधवार को पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव मरहा पथरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान सुजीत सिन्हा के बेटे अक्षत ने अपने पिता को

सुजीत सिन्हा

पलामू : झारखंड के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का बुधवार को पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव मरहा पथरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान सुजीत सिन्हा के बेटे अक्षत ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान चाईबासा जेल से एक दिन की पैरोल पर बाहर आईं पत्नी रिया सिन्हा भी वहां मौजूद थीं। पति का शव देखते ही वह भावुक हो गईं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और आसपास के लोग पहुंचे थे। गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हुसैनाबाद थाना प्रभारी सोनू कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस-प्रशासन ने चौकसी बनाए रखी और शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार संपन्न कराया।

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एक दिन की पैरोल पर चाईबासा जेल से गांव पहुंची थीं पत्नी

रिया सिन्हा वर्तमान में चाईबासा जेल में बंद हैं। पति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पलामू व्यवहार न्यायालय ने उन्हें एक दिन की पैरोल प्रदान की थी। अदालत के आदेश के बाद पुलिस सुरक्षा के घेरे में उन्हें उनके गांव लाया गया था। रिया पर गैंगस्टर प्रिंस खान के साथ मिलकर रंगदारी वसूलने और आपराधिक गतिविधियां चलाने का आरोप है। इससे पहले वह रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद थीं, जहां से जून 2026 में उन्हें चाईबासा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। बता दें कि मंगलवार को ही सुजीत सिन्हा का शव गांव पहुंच गया था, लेकिन पत्नी और बेटे के पहुंचने के इंतजार में अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया। शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जहां लोगों की भारी भीड़ जुटी थी।

पुलिस कस्टडी में मौत पर उठे सवाल, न्यायिक जांच की मांग

गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की मौत रविवार रात साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल ले जाने के दौरान जामताड़ा में हुई थी। पुलिस का दावा है कि रास्ते में सुजीत ने एक जवान की राइफल छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई (एनकाउंटर) में वह मारा गया। हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर परिजनों और विभिन्न संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। झारखंड प्रदेश न्यायिक मानवाधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विनय पासवान और सुजीत के चचेरे भाई अभय सिन्हा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वतंत्र जांच से ही घटना का सच सामने आ सकेगा।

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