रांची : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झाल्सा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन तथा डालसा सचिव राकेश रौशन की उपस्थिति में चेशायर होम, बरियातू (रांची) में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवा योजना-2024’ के तहत आयोजित किया गया।
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कार्यक्रम के दौरान डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने मेंटल हेल्थ केयर एक्ट-2017 के मुख्य प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत मानसिक रूप से बीमार प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर इलाज और स्वास्थ्य बीमा का अधिकार प्राप्त है। साथ ही, इलाज के दौरान मरीज की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मानसिक रोगी को जंजीर से बांधकर या अकेले कमरे में बंद रखकर क्रूरता नहीं की जा सकती।
इसके अलावा, राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसएबिलिटी (RPWD) एक्ट-2016 की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत और शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसके साथ ही 6 से 18 वर्ष की आयु के दिव्यांग बच्चों को मुफ्त शिक्षा, सुगम ऑनलाइन लाइब्रेरी और दिव्यांग विश्वविद्यालय जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
डालसा की ओर से रिनपास (RINPAS) और सीआईपी (CIP) में संचालित ‘लीगल-ऐड-क्लिनिक’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के इलाज या कानूनी सहायता के लिए डालसा से संपर्क किया जा सकता है। मौके पर पीएलवी स्नेहलता दुबे और वर्षा रानी ने नालसा टोल फ्री नंबर – 15100 की जानकारी दी और उपस्थित लोगों के बीच पॉकेट कार्ड बांटे।




